IAS संतोष वर्मा के फर्जी आदेश मामले में बड़ी कार्रवाई
निलंबित जज-बाबू को जमानत देने वाले जज का तबादला, इंदौर से सीधी भेजे गए ADJ

इंदौर। निलंबित जज विजेंद्र रावत और बाबू नीतू सिंह को जमानत देने के बाद एडीजे प्रकाश कसेरा का तबादला हो गया। एडीजे ने 2 महीने में चर्चित आरोपियों को अग्रिम जमानत दी थी। यह पूरा मामला आईएएस संतोष वर्मा के बरी होने के फर्जी आदेश से जुड़ा है। जिला एवं सत्र न्यायालय में पदस्थ अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश कसेरा का सीधी जिले के रामपुर तहसील कोर्ट में ट्रांसफर किया गया हैं। आईएएस संतोष वर्मा का बरी होने का फर्जी आदेश बनाकर देने वाले निलंबित अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र सिंह रावत को एडीजे कसेरा ने अग्रिम जमानत दी थी। इसके बाद पुलिस ने 18 दिसंबर को रावत की कोर्ट में पदस्थ रहे बाबू नीतू सिंह को गिरफ्तार किया था। मजिस्ट्रेट ने नीतू सिंह को 20 सितंबर को पुलिस रिमांड पर सौंपा था। नीतू सिंह ने जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। अर्जी के बाद नीतू सिंह को जमानत दे दी थी, जबकि पुलिस ने रिमांड अवधि बताकर डायरी पेश की थी।
आरोपी को जमानत अर्जी दायर करने का अधिकार
एडीजे कसेरा ने जमानत आदेश में उल्लेख किया है, कि पुलिस की यह धारणा पूरी तरह गलत है कि रिमांड अवधि में जमानत नहीं दी जा सकती। आदेश में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के कई फसलों का उल्लेख किया है। यह भी लिखा है कि प्रकरण कोई भी हो भले ही पुलिस ने केस डायरी पेश नहीं की, लेकिन किसी आरोपी को जमानत अर्जित दायर करने के अधिकार को प्रतिबाधित नहीं किया जा सकता।


