
जयपुर . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पार्टी की चेतावनी को दरकिनार कर अपने समर्थकों के साथ मौन अनशन किया. उन्होंने राज्य में अपनी पार्टी की सरकार से पूर्व भाजपा शासन में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की मांग दोहराई. साथ ही कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा.
पायलट ने जयपुर में शहीद स्मारक पर सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक पांच घंटे का मौन अनशन किया. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ नए सिरे से मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गत सोमवार को सचिन पायलट से बात कर उन्हें मनाने का प्रयास किया था. साथ ही चेताया था अगर पायलट को किसी बात को लेकर शिकायत है तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाए.
अनशन खत्म होने के बाद पायलट ने कहा, राज्य में कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले तत्कालीन भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया था. पार्टी ने लोगों से वादा किया था कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो इन मामलों में कार्रवाई की जाएगी. पायलट ने कहा कि उन्होंने कई बार इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखे, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया.
