भारतीय मूल के एक डॉक्टर को यूनाइटेड किंगडम में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई

वाशिंगटन . यौन उत्पीड़न के 115 मामलों में दोषी पाए जाने के बाद लंदन के रॉमफोर्ड में प्रैक्टिस कर रहे भारतीय मूल के एक चिकित्सक मनीष शाह को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
दोषी चिकित्सक मनीष शाह अपने क्लीनिक में आने वाली दो दर्जन से ज्यादा महिलाओं के साथ बदसुलूकी कर चुका है. वह अपने क्लीनिक में आने वाली महिलाओं को बीमारी के नाम पर डराता और जांच के नाम पर उनके निजी अंगों को गलत तरीके से छूता था. वह महिला मरीजों को यह कहकर डराता था कि उन्हें एंजेलीना जोली और टीवी स्टार जेड गूडी की तरह कैंसर हो सकता है. जब उसे लगता था कि महिला झांसे में आ गई है तो उनके साथ मनमानी करता. जांच में पाया गया कि वो उन महिलाओं को भी डराता था, जिसमें बीमारी के लक्षण नहीं भी थे.
जांच में पाया गया कि आरोपी ने महिलाओं के मेडिकल जांच रिपोर्ट से भी छेड़छाड़ की, जिससे महिलाओं को वास्तविकता का पता ही न चल सके. मामले में दोषी पाए जाने के बाद ओल्ड बेली कोर्ट के जज रूक ने मनीष शाह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
कमजोर महिलाएं थी निशाने पर इस मामले में अभियोजक रील कार्मी जोन्स ने अदालत को बताया कि शाह कमजोर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था. उसने कई नाबालिग किशोरियों को भी बीमारी का भय दिखाकर छेड़छाड़ की थी. इनमें से कई पीड़ित ऐसे थे जिन्हें अपना घर तक बदलना पड़ा, जिससे वो शाह को दोबारा न देख पाएं.
90 अन्य मामलों में भी काट रहा है सजा
दोषी चिकित्सक यौन उत्पीड़न के 90 अन्य मामलों में दोषी पाए जाने के बाद तीन आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. प्रत्येक अपराध के लिए उसे न्यूनतम 15 साल की सजा दी गई है. अब उसे 15 से 34 वर्ष की आयु की 28 महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हमले के 115 अपराधों का दोषी ठहराया गया है. एक किशोरी ने कहा कि कैंसर के जोखिमों और प्रारंभिक परीक्षण के बारे में बात करते हुए उसने निजी अंगों के साथ बेहद गलत तरीके से छेड़छाड़ की थी. पीड़िता ने बताया कि उस समय उसकी उम्र महज 17 साल थी. पीड़िता ने बताया कि हर बार जांच के नाम पर उसने उसके साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया.
दोषी चिकित्सक मनीष शाह ने 1993 में लंदन विश्वविद्यालय से एमबीबीएस किया था. शाह के इस सर्टिफिकेट को साल 2020 में मेडिकल प्रैक्टिश्नर ट्रिब्यूनल सर्विस ने रद्द कर दिया था. ट्रिब्यूनल ने ये पाया था कि उन्होंने बिना किसी मेडिकल आवश्यकता के कई मरीजों के निजी अंगों की जांच की थी.
जज रूक ने कहा कि शाह अपने मरीजों का विश्वास हासिल कर उनके साथ गलत व्यवहार करते थे. कोर्ट ने सजा सुनाते हुए ये भी बताया कि यौन शोषण की वजह से कई महिलाओं के रिश्ते तक टूट गए. अदालत ने एक पीड़िता का बयान पढ़ते हुए कहा, कि शाह जो तुमने किया उसने मुझे 12 साल तक परेशान किया. जिससे मेरे जीवन का अमूल्य समय बर्बाद हो गया.


