जल संरक्षण के लिए स्वच्छ भारत जैसा अभियान चले मोदी

नई दिल्ली, एजेंसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि जन भागीदारी से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल हो सकते हैं. अकेले सरकार के प्रयासों से कुछ नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि जब लोग स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े तो जनता में एक चेतना आई और फिर इसमें सफलता सुनिश्चित हुई. जल संरक्षण अभियान भी ऐसा ही चलना चाहिए.
राज्यों के जल मंत्रियों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जल राज्यों के बीच सहयोग व समन्वय का विषय होना चाहिए. शहरीकरण की तेज गति को देखते हुए उन्हें पहले से ही इसके लिए योजना तैयार करनी चाहिए. उनकी इस टिप्पणी के कई मायने हैं, क्योंकि दशकों से कई राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा काम पानी पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अभियानों में जनता, सामाजिक संगठनों और सिविल सोसायटी को ज्यादा से ज्यादा शामिल करना होगा. मोदी ने कहा कि जब किसी अभियान से जनता जुड़ती है तो उसे उसकी गंभीरता का भी पता चलता है.
वाटर-शेड का बड़े पैमाने पर काम होना जरूरी
केंद्र की अटल भूजल संरक्षण योजना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक संवेदनशील अभियान है. इसे उतनी ही संवेदनशीलता से आगे बढ़ाने की जरूरत है. भूजल रिचार्ज के लिए जिलों में वाटर-शेड का काम होना जरूरी है. मोदी ने कहा, उद्योग, कृषि क्षेत्र में पानी की जरूरत बहुत होती है. इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अभियान चलाकर जागरूक करना चाहिए.
