
कांग्रेस के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अडानी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है. पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि किसी व्यक्ति की संपत्ति भारत के गौरव का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकती. मोइत्रा अपने साथ एक टोपी भी लेकर आईं थी. हालांकि, पीठासीन सभापति भातृहरि महताब के टोकने पर उन्होंने कागज की बनी टोपी को हटाकर रख दिया.
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए महुआ मोइत्रा अपने पुराने अंदाज में नजर आईं. सरकार पर जनता को टोपी पहनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने चीन, पेगासस, बीबीसी, मोरबी और राफेल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार ने जनता को गुमराह किया है. अंग्रेजी में दिए अपने भाषण में मोइत्रा ने अडानी को मिस्टर ए कहकर संबोधित किया.
मोइत्रा ने कहा कि भारत के गौरव का प्रतिनिधित्व किसी एक व्यक्ति की संपत्ति से नहीं होनी चाहिए. सेबी और दूसरी जांच एजेंसियों पर भी सवाल उठाए. अडानी का नाम लिए बगैर उन्होंने सिलसिलेवार बताया कि किस तरह अडानी को फायदा पहुंचाया गया और कंपनी की अनियमितताओं को नजरअंदाज किया है. महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष के सदस्यों को विपक्ष का विरोध करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि विपक्ष चीन, पेगासस, मोरबी और बीबीसी पर कुछ नहीं बोल पाए. उन्होंने कहा कि अब जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में देश की साख दांव पर है.
मोइत्रा ने कहा कि दिसंबर 2019 में उन्होंने अडानी और उनसे जुड़ी बेनामी कंपनियों का मुद्दा सदन में उठाया था. पर सरकार और जांच एजेंसियों ने आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की.

