
टाटा स्टील (Tata Steel) में लोको इंजन की दुर्घटनाओं को रोकने और मैन और मशीन इंटरफेस को कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. टाटा स्टील (Tata Steel) के इक्विपमेंट मेंटेनेंस सर्विसेज (Equipment Maintenance Services- EMS) डिपार्टमेंट में भारत का पहला मल्टीपल यूनिट ऑपरेटेड लोको इंजन (Loco Engine) का सफल प्रयोग किया गया. इसके जरिये एक ही रिमोट से दो लोको इंजन का संचालन हो सकेगा. यह भारत (India) में अपने तरह का पहला प्रयोग है.

विभिन्न विभागों के कॉ-ऑर्डिनेशन से इसको बनाया गया है. इक्विपमेंट्स मेंटेनेंस सर्विसेज, एसएसटीजी, टाटा स्टील ऑटोमेशन एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड ने संयुक्त रूप से इसको लेकर काफी आविष्कार करने के बाद इसका प्रयोग शुरू किया. गुरुवार को इसका सफल परिचालन शुरू किया गया. इस मौके पर टाटा स्टील के वीपी शेयर्ड सर्विसेज प्रबल घोष, वीपी आइएम उत्तम सिंह और टाटा वर्कर्स यूनियन के महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह व विभागीय हेड सतीश गणपति द्वारा हरि झंडी दिखायी गयी.
इसमें दो लोको इंजन को आपस में संग्रह करके बनाया गया, जो एक ही रिमोट से ऑपरेट होता है. यह बहुत बड़ा चैलेंज था, लेकिन इस चैलेंज को स्वीकार करते हुए टीम वर्क के तहत सारे लोको इंजन के काम को पूरा किया गया और अब यह ऑटोमेशन की दिशा में अहम कदम है. इसमें विभाग के सीनियर मैनेजर, मैनेजर और विभाग के सारे कमेटी मेंबर आरआर शरण, बीके राम, बिनोद ठाकुर, तारकेश्वर लाल, एचएन प्रसाद व जेडीसी के चेयरमैन राजकुमार उपस्थित थे. लोको की दुर्घटनाओं को रोकने और मैन एंड मशीन इंटरफेस को कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

