
नई दिल्ली . इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिला. इन नेताओं ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर के मुद्दे पर संसद में बयान देने को कहें. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मणिपुर में शांति बहाली के लिए प्रधानमंत्री मोदी को राज्य का दौरा करना चाहिए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान उन्हें हरियाणा में हुए दंगों के बारे में भी जानकारी दी. हमने मणिपुर हिंसा की घटनाओं, खासकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के बारे में उन्हें अवगत कराया. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग यही है कि प्रधानमंत्री वहां जाएं और बात करें. उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा इस मामले में संसद के भीतर बयान दिए जाने की भी मांग की.
विपक्षी दलों के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति मुर्मू को एक ज्ञापन भी सौंपा है जिसमें मणिपुर की स्थिति का विस्तृत उल्लेख करने के साथ ही उनके दखल की मांग की गई है. विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के कुछ सांसदों ने 29-30 जुलाई को मणिपुर का दौरा किया था. वे राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे.
विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि संसद में प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नोटिस दिए जाने के बावजूद चर्चा नहीं कराई जाती, विपक्ष को चुप करा दिया जाता है और बीच में माइक बंद कर दिया जाता है. ज्ञापन में विपक्ष के 21 सांसदों के मणिपुर दौरे का उल्लेख करते हुए दावा किया, वहां हिंसा का भयावह असर है. 200 से अधिक मौत हुई है, 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

