
नई दिल्ली . सेवानिवृत्त आईएएस से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में तिहाड़ से बर्खास्त एक वार्डन को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने फोन और व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर रंगदारी मांगी थी. उसने दो साथियों के साथ मिलकर रकम नहीं देने पर सात दिन में जान से मारने की धमकी भी दी थी.
पूर्व आईएएस ने सोमवार को मामले की शिकायत तुगलक रोड थाना पुलिस में दी. इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया. तुगलक रोड थाना पुलिस ने योगेश को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है. पुलिस इसके साथी अजय मीणा और सचिन की तलाश में छापेमारी कर रही है. सेवानिवृत्त अधिकारी जीएस मीणा लोदी एस्टेट में परिवार के साथ रहते हैं. वह कई मंत्रालयों में बड़े पदों पर रह चुके हैं. अभी वे दिल्ली कॉपरेटिव ट्रिब्यूनल के सदस्य हैं. उन्होंने शिकायत दी कि कोई उनसे दस करोड़ रुपये मांग रहा है.आरोपी ने रंगदारी के लिए करीब 50 से ज्यादा व्हाट्सऐप मैसेज किए. जांच में पता चला कि योगेश तिहाड़ में सिपाही (वार्डन) रह चुका है. 2 फरवरी को ही नौकरी से बर्खास्त किया गया था.
अधिकारी से राजस्थान में मिला था आरोपी
पुलिस ने जांच के बाद भारती नगर निवासी योगेश कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. उसने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के बाद उसे पैसों की जरूरत थी, इस कारण वह पूर्व अधिकारी से रकम ऐंठने में जुट गया. मोटी रकम वसूलकर वह मीणा समाज के कल्याण के लिए खर्च करना चाहता था. आरोपी जीएस मीणा से वह राजस्थान में एक सामाजिक कार्यक्रम में मिला था. इसलिए उसने सोचा कि इन्हें धमकी देने पर इनसे रकम मिल सकती है.

