शेयर ब्रोकर की धोखाधड़ी पर अंकुश लगाएगा सेबी

मुंबई . भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बाजार व्यवस्था तथा कंपनी संचालन को और बेहतर बनाने के लिए कई प्रस्तावों को मंजूरी दी. इसमें शेयर ब्रोकरों की धोखाधड़ी पर लगाम लगाने को लेकर नियम समेत कई बदलाव शामिल हैं.
सेबी के निदेशक मंडल की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. नियामक ने निजी इक्विटी कोष को म्यूचुअल फंड का प्रायोजक बनने की नियामकीय रूपरेखा को भी मंजूरी दी. इस कदम से म्यूचुअल फंड को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिये पर्यावरण, सामाजिक और संचालन (ईएसजी) के बारे में खुलासों को लेकर नियामकीय व्यवस्था को मंजूरी दी.
साथ ही बाजार नियामक आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तरह शेयर खरीद-बिक्री बाजार के लिये कोष को ब्लॉक करने की सुविधा शुरू करेगा. इस बीच सेबी ने फ्रंट रनिंग कारोबार में संलिप्त रहने के आरोप में बानहेम स्टॉक ब्रोकिंग और निंजा सिक्योरिटीज समेत छह फर्मों को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है. सेबी की तरफ से प्रतिबंधित किए गए अन्य लोगों में कौशल चंदराणा, मनीष मेहता, कश्मीरा मेहता एवं सुमतिलाल मेहता शामिल हैं. इसके साथ गलत तरीके से कमाये गए 2.23 करोड़ रुपये को जब्त भी कर लिया गया है.
बोर्ड में स्थायी बने रहने का चलन खत्म होगा
सेबी के अनुसार जरूरी जानकारी के खुलासे के लिए समयसीमा का कड़ाई से पालन होगा. साथ ही नियामक ने सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक मंडल में व्यक्तियों के लिए स्थायी तौर पर सीट की व्यवस्था को भी समाप्त करने का निर्णय किया है. सूचीबद्ध कंपनियों के लिए बाजार अफवाहों का सत्यापन करना और जो भी स्थिति हो, उसके अनुसार उसकी पुष्टि या उसे खारिज करना होगा.

