शरद पवार ने एनसीपी अध्यक्ष का पद छोड़ने का किया ऐलान

मुंबई: NCP अध्यक्ष शरद पवार ने अपने राजनीतिक जीवन को लेकर बड़ा ऐलान किया है. शरद पवार ने कहा, “लंबे समय के बाद अब कहीं रुकने के बारे में विचार करना आवश्यक हो गया है. इसलिए, मैंने एनसीपी अध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त होने का फैसला किया है.” वह मंगलवार (2 मई) को मुंबई में अपनी राजनीतिक आत्मकथा, ‘लोक माजे संगति’ के संशोधित संस्करण के लॉन्च इवेंट में बोल रहे थे.
क्या बोले शरद पवार?
शरद पवार ने कहा, ‘1999 में एनसीपी के गठन के बाद से वह पिछले 24 साल से एनसीपी के अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं. यह पूरा सफर 1 मई 1960 से सार्वजनिक जीवन में शुरू हुआ और पिछले 63 सालों से लगातार चल रहा है. उस 56 वर्षों में मैं किसी न किसी सदन के सदस्य या मंत्री के रूप में लगातार काम करता रहा हूं. संसद में राज्यसभा की सदस्यता के अगले 3 साल बचे हैं. इस दौरान मैं राज्य और देश के मामलों पर आधिकारिक ध्यान देने पर ध्यान दूंगा, इसके अलावा मैं कोई अन्य जिम्मेदारी नहीं लूंगा.
नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए बनाई कमिटी
इसके साथ ही नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए एक समिति बनाई गई है. इस समिति में दिलीप वलसे पाटिल और नरहरि भी हैं. अजित पवार ने कहा है कि इस समिति का फैसला सभी को मंजूर होगा. शरद पवार को मनाने के लिए एनसीपी की तरफ से प्रयास किया जा रहा है. महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि पवार के बगैर जनता के पास हम कैसे जाएंगे. जयंत पाटिल ने रोते हुए कहा, ‘शरद पवार अध्यक्ष बने रहें, यह पार्टी ही नहीं देश के लिए भी जरूरी है. आप जिस पद पर हैं वह पद और कोई नहीं ले सकता है. आपको पार्टी में जो बदलाव करना है वह कीजिए, लेकिन अध्यक्ष का पद मत छोड़िए. आपका यह फैसला किसी के भी हित में नहीं होगा. नई पीढ़ी को आपके मार्गदर्शन की जरूरत है.’
शरद पवार ने इस्तीफे के बाद आगे का प्लान भी बताया है. अब आगे क्या होगा इसके इसके लिए एक समिति बनाई गई है. इस समिति में प्रफुल्ल पटेल, दिलीप वलसे पाटिल, अनिल देशमुख और नरहरि शामिल हैं. आग अगला एनसीपी चीफ कौन होगा ये समिति के निर्णय के बाद ही तय हो पायेगा. अब क्या अगला एनसीपी चीफ शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले होंगी या अजित पवार होंगे ये तो आने वाले वक्त में ही पता चलेगा. गौरतलब है शरद पवार ने कुछ दिन पहले रोटी बदलने को लेकर एक बड़ा बयान दिया था जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थी.



