श्रद्धा वाकर हत्याकांड : हड्डियों का पाउडर बना फेंका था

श्रद्धा वाकर हत्याकांड में दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल आरोपपत्र में सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस ने कहा कि आरोपी आफताब पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या के बाद न सिर्फ उसके शव के कई टुकड़े किए, बल्कि कई हड्डियों को ग्राइंडर में फीसकर पाउडर बनाया. उसे दिल्ली की सड़कों पर फेंक दिया था.
आफताब ने इकबालिया बयान में कबूल किया है कि उसने हड्डियों के कुछ टुकड़ों को पेट्रोल डालकर जला दिया, जबकि कुछ टुकड़े ग्राइंडर में पीसकर छतरपुर पहाड़ी के 100 फुटा रोड पर फेंक दिया. दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी को इस मामले में आरोपी के खिलाफ 6629 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था.
साकेत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अविरल शुल्का ने सुनवाई के दौरान अदालत में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी थी. मामले की सुनवाई बंद कमरे में हुई. दिल्ली पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को अदालत में पेश किया गया. अदालत ने मामले की सुनवाई 21 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी. साथ ही आरोपपत्र की प्रति आरोपी को भी मुहैया कराने का निर्देश दिया है. पुलिस ने आरोपी को इसकी प्रति मुहैया करा दी है. इस मामले में पेश आरोपपत्र में पुलिस ने कई सनसनीखेज खुलासा किए हैं. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कैसे अपनी लिवइन पार्टनर श्रद्धा की हत्या की और कैसे उसके शव को टुकड़े-टुकड़े करके ठिकाने लगाया. सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने आरोपपत्र में कहा है कि शव के कुछ हिस्से को पॉलिथीन बैग में डालकर 60 फुटा रोड छत्तरपुर पहाड़ी पर रखे एक कूड़ेदान में फेंक दिया. जबकि कुछ हिस्सों को छत्तरपुर पहाड़ी के श्मशान घाट के पास वाले जंगल, उत्तरपुर एन्क्लेव के पीछे जंगल, गुरुग्राम की तरफ जाने वाले एमजी रोड और छत्तरपुर पहाड़ी के पास जंगल में फेंका दिया था. आरोपी ने करीब तीन से चार माह बाद श्रद्धा के सिर को छत्तरपुर एन्क्लेव के जंगल में फेंका था.
5 मई को बद्री के घर पहुंचे आरोपपत्र के मुताबिक करीब सवा माह तक घूमने के बाद दोनों, 5 मई को छतरपुर इलाके में बद्री के घर पहुंचे. दोनों 8 से 10 दिन तक बद्री के घर रुके और दोनों के बीच आए दिन होने वाले झगड़े के चलतेदोनों को घर से निकाल दिया. इसके बाद दोनों ने 16 मई 2022 से राहुल रॉय नाम के एजेंट के जरिए छत्तरपुर पहाड़ी में मकान किराए पर लिया.
ब्रीफकेस में टुकड़े फेंकना चाहता था आरोपी ने शव को पहले बाथरूम में छिपाया और ठिकाने लगाने के लिए उसके कई टुकड़े किए. टुकड़ों को ब्रीफकेस में डालकर फेंकने की योजना बनाई. 60 फूटा रोड, छत्तरपुर पहाड़ी इलाके के एक हार्डवेयर की दुकान से एक हथौड़ा, आरी और उसके तीन ब्लेड खरीदे. साथ ही चाकू और 25 हजार रुपये में फ्रिज खरीदा.
सवा माह तक कई जगहों पर घूमा
आरोपी ने श्रद्धा के साथ अपने खराब होते रिश्ते को बचाने के लिए एक लंबा ट्रिप भी प्लान किया. वह 28/29 मार्च, 2022 को श्रद्धा को लेकर मुबंई से हरिद्वार पहुंचा. यहां दोनों ऋषिकेश, देहरादून, मनाली, मसूरी, चंडीगढ़ होते हुए पर्वत वैली पहुंच गए. यहां उनकी मुलाकात बद्री से हुई. बद्री से दोनों की पहचान ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी.
खाते में रुपये भेजे
आफताब ने बताया था कि श्रद्धा का इंस्टाग्राम उसके फोन में लॉगिन था और इसी से उसने श्रद्धा बनकर उसके दोस्त लक्ष्मण के मैसेज का जवाब दिया. घटना वाले दिन आरोपी ने चकमा देने के लिए श्रद्धा के खाते से अपने बैंक खाते में 54000 रुपये दो बार में भेजे थे.
आफताब की कई महिलाओं से मित्रता थी
दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि आफताब डेटिंग ऐप के जरिए एक साथ कई महिलाओं को डेट कर रहा था. उनमें से एक महिला को वह उस मकान पर भी लेकर गया था, जहां उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े छुपाए थे. श्रद्धा की हत्या से पहले से ही वह डर के साये में जी रही थी और उसे लगातार अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा था. आरोपी 18 मई, 2022 को श्रद्धा की हत्या करने के बाद कई दिन तक शव को टुकड़े-टुकड़े करता रहा.
दोनों के पास नहीं थी नौकरी
आरोपी ने स्वीकार किया कि उन दोनों के पास कोई नौकरी नहीं थी. लंबे ट्रिप के चलते सारा पैसा खर्च हो गया था. घटना वाले दिन श्रद्धा ने आफताब से वसई स्थित घर से सामान लाने के लिए कहा, लेकिन उसने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया. इसी को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ. आफताब ने श्रद्धा को खर्चे का आधा पैसा देने के लिए कहा तो वह गुस्सा हो गई और गाली-गलौज करने लगी. इसी वजह से उसने श्रद्धा को रास्ते से हटाने की ठान ली.



