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श्री नारायणा हॉस्पिटल ने छत्तीसगढ़ की पहली रोबोटिक पार्शियल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी कर सफलता का एक और परचम लहराया

रायपुर. हरियाणा के 52 वर्षीय, ओमवीर को पिछले कुछ माह से सीवियर आर्थराइटिस की शिकायत थी, उनके दोनों घुटनों में  सूजन के साथ साथ अंदर की तरफ हमेशा तेज असहनीय दर्द बना ही रहता था, जिसकी वजह से उसे चलने फिरने में, सीढ़ियां उतरने चढ़ने और यहां तक की अपने दैनिक रूटीन के कामों में भी किसी का सहारा लेना पड़ता था.

देवेंद्र नगर,रायपुर स्थित श्री नारायणा हास्पिटल लाने पर मरीज की प्रारंभिक जांचों में उन्हें “Bilateral Medial Compartment Osteoarthritis” डायग्नोस् हुआ, सामान्यतः मेडिकली घुटने में तीन कंपार्टमेंट होते हैं और आमतौर पर देखा गया है की, उम्र बढ़ने के साथ-साथ आर्थराइटिस होने पर 70% केसेस में  Medial Compartment से शुरू होकर बाकी के दोनों कंपार्टमेंट भी डैमेज हो जाते है, इस मरीज के घुटनों का केवल एक ही अंदरूनी कंपार्टमेंट डैमेज पाए जाने पर, रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. प्रीतम अग्रवाल ने “रोबोटिक पार्शियल नी रिप्लेसमेंट टेक्निक” से छत्तीसगढ़ की पहली “आधे घुटने की रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी” करने का फैसला लिया, विदित हो कि “रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी” में तीनों ही कंपार्टमेंट को रिप्लेस कर दिया जाता है, जबकि इस अत्याधुनिक “रोबोटिक पार्शियल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी” में केवल डैमेज हुए कंपार्टमेंट को ही रिप्लेस करते है.

इसी तकनीक से मरीज ओमवीर के घुटनों में रोबोट ने छोटा सा चीरा लगाकर घुटनों के 30% डैमेज पार्ट को रिप्लेस करके इम्प्लांट फिक्स कर दिया, बाकी के 70% पार्ट को टच भी नहीं किया गया, जिसकी वजह से घुटनों के नेचुरल सेंसेशन और बायोमैकेनिक्स, दोनों स्वत: ही मेंटेन रहे ,जिससे सर्जरी होने के चार घंटों के बाद ही मरीज के पैरों में मूवमेंट प्रारंभ हो गया और अगले दिन से ही उसका चलना-फिरना,सीढ़ियां उतरना-चढ़ना आदि पूर्व की भांति प्रारंभ हो गया और अब वह पैन फ्री लाईफ एन्जॉय कर रहा है.

डॉ. प्रीतम अग्रवाल ने बताया कि ‌‌CUVIS कंपनी के फुल्ली आटोमेटिक रोबोटिक सिस्टम द्वारा  ये सर्जरी  की गई ,वर्तमान में इस सेगमेंट की टेक्नोलॉजी में लगातार इंप्रूवमेंट होते रहने की वजह से पार्शियल नी रिप्लेसमेंट के ज्वाइंट्स की लाइफ और टोटल नी रिप्लेसमेंट के ज्वाइंट्स की लाइफ एक बराबर हो गई है.

श्री नारायणा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर “डॉ.सुनील खेमका” ने  कहा कि हम अपने प्रांत छत्तीसगढ़ के आर्थराइटिस के मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु कृत संकल्पित हैं और संपूर्ण विश्व में वर्तमान में प्रचलित ऐसी ही अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी को आत्मसात करते हुए, प्रयुक्त करने हेतु हमेशा के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारे मरीज पूर्णतया दर्द मुक्त जीवन जीने का आनंद उठा सकें.

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