TET एग्जाम को लेकर छिड़ी बहस, सीनियर टीचर में नाराजगी
युवा शिक्षकों ने बताया सुधार की दिशा में अहम कदम

शहडोल। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और योग्य शिक्षकों को सामने लाने के लिए लागू की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अब जिले में बहस का विषय बन गई है। शहडोल में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच इस परीक्षा को लेकर मिले-जुले विचार सामने आ रहे हैं। जहां वरिष्ठ शिक्षक इसे अन्यायपूर्ण मान रहे हैं, वहीं युवा पीढ़ी और अभिभावक इसे शिक्षा सुधार की दिशा में अहम कदम बता रहे हैं। जिले के अनुभवी शिक्षकों का कहना है कि इस परीक्षा को बहुत पहले लागू किया जाना चाहिए था। अब जब वे अपनी सेवा के अंतिम दौर में हैं, तो उन्हें फिर से परीक्षा देना मानसिक और पेशेवर दबाव बढ़ाने वाला कदम है। शहडोल की वरिष्ठ शिक्षिका उषा यादव ने कहा, 20-25 साल की सेवा के बाद इस उम्र में परीक्षा देना कठिन है। यह नई पीढ़ी के लिए ठीक है, लेकिन अनुभवी शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनका मानना है कि इस परीक्षा का उपयोग पदोन्नति या प्रमोशन में किया जाता तो यह ज्यादा सार्थक होता।




