राष्ट्र

प्रधानमंत्री ने लालकिले से 2024 के लिए हुंकार भरी अगले वर्ष फिर तिरंगा फहराऊंगा – मोदी

नई दिल्ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 2047 में देश जब स्वतंत्रता के 100 साल का जश्न मनाए तो हमारे देश का तिरंगा दुनिया में विकसित देश की पहचान के साथ लहराए. इसके लिए अगले पांच वर्षों को उन्होंने सबसे बड़ा स्वर्णिम बताया. साथ ही दावा किया कि लाल किले पर अगले वर्ष 2024 में भी वे तिरंगा फहराएंगे.

देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टीकरण को लोकतंत्र की तीन विकृतियां करार दिया. उन्होंने कहा कि गरीब हों, दलित हों, पिछड़े हों, पसमांदा हों या फिर आदिवासी भाई-बहन, इनके हक के लिए तीनों बुराइयों से मुक्ति पाना है. उन्होंने कहा, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की राह में ये विकृतियां ही रुकावट हैं.

विपक्ष पर निशाना साधा राजनीति में परिवारवाद का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, इसने देश को जमकर लूटा. इसने जिस प्रकार देश को जकड़ रखा है, उसने लोगों का हक छीना है. तुष्टीकरण ने देश के मूलभूत चिंतन और सर्वसमावेशी राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगाया है. किसी सियासी दल का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, इन लोगों ने देश का बहुत नुकसान किया.

दिव्यांगजनों को सक्षम बना रहे मोदी ने कहा, सरकार पैरा खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण दे रही है, ताकि उन्हें पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने में मदद मिल सके. झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चे भी खेलों की दुनिया में अपना पराक्रम दिखा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया हमारे ‘वन सन, वन वर्ल्ड और वन ग्रीन’ के दर्शन से जुड़ रही है. जी20 के लिए भी हम ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ के मंत्र को लेकर चल रहे हैं.

जी20 समूह ने हमारा दृष्टिकोण स्वीकारा अपने संबोेधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला विकास ही देश को आगे ले जाएगा. मोदी ने कहा, हम गर्व से कह सकते हैं कि नागरिक विमानन में भारत के पास सबसे अधिक महिला पायलट हैं. महिला वैज्ञानिक चंद्रयान मिशन का नेतृत्व कर रही हैं. मोदी ने कहा, जी-20 समूह ने महिलाओं के नेतृत्व में भारत के विकास के दृष्टिकोण को स्वीकार किया है.

मणिपुर का समाधान शांति से ही संभव प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में मणिपुर हिंसा का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा, शांति से ही इस समाधान का रास्ता निकलेगा. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रहे हैं.

मुख्य न्यायाधीश ने अभिवादन किया मोदी ने अपने भाषण में उच्चतम न्यायालय का उसके फैसलों को हिंदी समेत अन्य भाषाओं में उपलब्ध कराने पर धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, मातृभाषा की प्रासंगिकता बढ़ रही है. यह सुनते ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का शुक्रिया किया.

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘कहा कि अगले पांच वर्षों में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनाकर रहेंगे
  2. शहरों में किराए के मकानों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को बैंक ऋण में रियायत देने केलिए योजना शुरू होगी
  3. जन औषधि केंद्रों की संख्या 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार होगी. 17 सितंबर को विश्वकर्मा योजना शुरू करने का ऐलान

 

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