जज के तबादले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी

नई दिल्ली . हाईकोर्ट के जजों के तबादले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी. शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस पर जल्द संज्ञान ले, नहीं तो कोर्ट ऐसी कार्रवाई को बाध्य होगा, जो सरकार को अच्छी नहीं लगेगी.
जस्टिस संजय किशन कौल और एएस ओका की पीठ ने केंद्र की ओर पेश अटॉर्नी जनरल से कहा कि यह प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई भी हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर और नवंबर में हाईकोर्ट के 10 न्यायाधीशों के स्थानांतरण किए थे, लेकिन सरकार ने उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया है. पीठ ने कहा कि स्थानांतरण के मामलों में सरकार की भूमिका बहुत कम होती है. उन्हें लंबित रखने से गलत संदेश जा रहा है. यह कोलेजियम को स्वीकार्य नहीं है. मद्रास, गुजरात और तेलंगाना हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जज के स्थानांतरण का विरोध कर रही हैं. पीठ बेंगलुरु वकील एसोसिएशन की अवमानना याचिका पर विचार कर रही है. इसमें कहा गया है, सरकार को आदेश दिया जाए कि वह कोलेजियम की सिफारिशों पर न बैठे. नियुक्ति का आदेश जारी करे. अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी.
पांच न्यायाधीश की नियुक्ति पर मुहर जल्द केंद्र सरकार
सुप्रीम कोर्ट में पांच जज की नियुक्ति के लिए कोलेजियम की सिफारिश को जल्द मंजूर कर लिया जाएगा. केंद्र सरकार ने शुक्रवार को यह आश्वासन शीर्ष अदालत को दिया. कोलेजियम ने पिछले साल 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए इन नामों की सिफारिश की थी.


