
गुरुग्राम . बच्ची को यातना देने के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार अरुण कुमार पुरी प्लेसमेंट एजेंसी का संचालक है, जबकि मनीष नाग बच्ची को रांची से गुरुग्राम लाने में मध्यस्थ था.
नागरिक अस्पताल में भर्ती 14 वर्षीय बच्ची के कान का छोटा ऑपरेशन शुक्रवार को हुआ. वहीं, बच्ची को रांची ले जाने के लिए मां और झारखंड पुलिस गुरुग्राम पहुंची. पांच महीने बाद बेटी को ऐसी हालत में देखकर मां रोती रही और दोबारा उसे अपने से अलग न करने की बात कही. मां से मिलकर बच्ची के चेहरे पर चार दिन बाद मुस्कुराहट आई. मां ने अपने हाथों से उसे खाना खिलाया. दूसरी ओर, झारखंड के पांच पुलिसकर्मी बच्ची को झारखंड नहीं ले जा सके. जल्द मजिस्ट्रेट के सामने बच्ची के बयान के होने के बाद वह जा सकेगी.
चमचा मारकर दांत तोड़ा
बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सखी सेंटर की तरफ से गुरुवार और शुक्रवार को काउंसिलिंग भी की गई. इस दौरान उसने बताया कि दंपति ने उसके मुंह पर जोर से सब्जी बनाने वाला चमचा मारा था, जिससे उसका दांत भी टूट गया था. इसके अलावा माचिस की तिली से भी उसे जलाया जाता था.
भाई का कराना था इलाज
बच्ची ने बताया कि वह चार बहनें और दो भाई हैं. एक भाई दिव्यांग है. उसके इलाज के लिए वह गुरुग्राम में मामा के साथ काम के लिए आई थी, लेकिन उसको क्या पता था कि काम करने के बाद रुपये मिलने के बजाय उसे यातनाएं मिलेंगी. बीते पांच महीनों से आरोपी दंपति द्वारा उसके काम के रुपये भी नहीं दिए गए.
पति-पत्नी दोनों को जेल भेजा
शुक्रवार को आरोपी मनीष का दो दिन का रिमांड पूरा होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. आरोपी की पत्नी कमलजीत कौर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है.

