
जर्मनी की राजधानी बर्लिन के रैडिसन ब्लू होटल का एक मशहूर एक्वेरियम (Aquarium) शुक्रवार को टूट गया. यह घटना सुबह पांच बजकर 45 मिनट पर हुई. एक्वेरियम इतना बड़ा था कि इसके टूटने के बाद पूरे होटल और सडक़ पर लाखों लीटर पानी की बाढ़ आ गई. घटना की जानकारी मिलते ही एमर्जेंसी सर्विसेज के 100 लोगों की टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुंची. रिपोर्ट के मुताबिक बर्लिन के मिट्टे जिले में एक्वाडोम नाम का यह एक्वेरियम (Aquarium) फटने से 2,64,172 गैलन पानी चारों और फैल गया. अधिकारियों ने बताया कि इस एक्वेरियम में 1500 मछलियां थीं, जो होटल की लॉबी में फैल गई. एक्वाडोम एक्वेरियम की ऊंचाई 15.85 मीटर थी. इसे दुनिया के सबसे बड़े बेलनाकार मछलीघर के तौर पर जाना जाता था. एक्वेरियम के टूटने से गिरे कांच से दो लोग घायल भी हुए हैं.

बर्लिन पुलिस ने कहा कि यह बहुत बड़ा नुकसान है. दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है. इसके लिए एक्सपर्ट की सलाह भी ली जाएगी. इस घटना के बाद ज्यादातर लोगों को होटल से बाहर निकाल लिया गया है. एक्वरियम फटने की घटना कितनी बड़ी थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके बाद लोकल पुलिस ने होटल के बाहर एलेक्जेंडरप्लाट्ज से लेकर ब्रांडनबर्ग गेट के रास्ते को ही बंद कर दिया. एक्वेरियम फटने के बाद एलेक्जेंडरप्लाट्ज रोड पर होटल का नजारा कुछ इस तरह का है. पानी का बहाव इतना तेज था कि बहुत सारा सामान भी उसके साथ बहकर बाहर आ गया.
गिनीज रिकॉर्ड में नाम दर्ज
इस एक्वेरियम को 2003 में खोला गया था और इसका नाम एक्वाडोम था. वहीं इसके नाम दुनिया का सबसे बड़ा बेलनाकार एक्वेरियम होने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी था. इसे बनाने में उस समय लगभग 212 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. हादसे के समय इसमें 100 से ज्यादा प्रकार की मछलियां मौजूद थीं.

कम तापमान है फटने की वजह!
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बर्लिन पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. इसके लिए एक्सपर्ट इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि किसी ने एक्वेरियम को विस्फोट किया है. हालांकि अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि तापमान के गिरकर माइनस 6 डिग्री होने की वजह से टैंक में दरार आई होगी.
ऐसा लगा जैसे वहां भूकंप आ गया हो
होटल में मौजूद एक गेस्ट ने बताया कि जैसे ही एक्वेरियम फटा, तो लगा कि जैसे वहां भूकंप आ गया हो. होटल का मैनेजमेंट देखने वाले शख्स ने बताया कि 1500 मछलियां मौके पर ही मर गईं, जबकि एक्वेरियम के छोटे टैंकों में रखी गई मछलियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. बर्लिन के मेयर फ्रांजिस्का जिफे ने बताया कि अच्छी बात यह रही कि एक्वेरियम तडक़े सुबह के समय फटा, जिस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था. उन्होंने बताया कि अगर यह घटना किसी और समय होती तो काफी सारे लोगों की जान जा सकती थी. जिस वक्त यह घटना हुई उस समय होटल में करीब 350 गेस्ट मौजूद थे.
बता दें कि इस एक्वेरियम की साल 2020 में मरम्मत की गई थी. इस दौरान टैंकों की सफाई भी हुई थी. इस दौरान सभी मछलियों को होटल के बेसमेंट में मौजूद एक्वेरियम में रखा गया था. लोग एक्वेरियम को करीब से देख पाए इसके लिए ग्लास के एलिवेटर भी लगाए गए थे. फिलहाल इन्हें भी घटना के बाद बंद कर दिया गया है. वहीं हजारों मछलियों की मौत से लोग दुखी हैं. लोगों की मांग है कि अब होटल में नया एक्वेरियम नहीं लगाया जाए.
