मध्य प्रदेश

अमेरिका ट्रेड डील किसान के विरोध में नहीं: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज बोले- किसानों के हितों पर कोई आंच नहीं आने देंगे

डिब्बा बंद सब्जियां भारत नहीं आएंगी

भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिका ट्रेड को लेकर किसानों में फैल रही नाराजगी को लेकर प्रेसवार्ता में कहा- अमेरिका ट्रेड डील किसान के विरोध में नहीं है। जितनी चिंता भारतीय कृषि को देश की थी उन सारी चिंताओं का समाधान किया गया। ये ट्रेड डील हमारे किसानों को न सिर्फ सुरक्षित रखती है, हमारे कृषि उत्पादों को नए अवसर प्रदान करती है। विपक्ष हल्ला मचा रहा कि खेती बर्बाद हो जाएगी। हमारे सारे कृषि उत्पाद हमारे किसानों की मूल ताकत हैं। शिवराज ने कहा- विपक्ष का राष्ट्रीय हित से कोई लेना-देना नहीं है। हमारे लिए राष्ट्रहित और किसान हित सर्वोपरि है। किसानों के हितों पर हम कोई आंच नहीं आने देंगे। कांग्रेस की सरकार रही तब अर्थव्यवथा को 6 से 11 वे स्थान पर पहुंचा दिया। भारतीय किसानों को सोयाबीन, मक्का,गेहूं,चावल,चीनी मोटे अनाज , डेयरी, मूंग , तिलहन जैसे उत्पादों में टैरिफ नहीं लगेगा। हमारे प्रमुख अनाज सुरक्षित रहने चाहिए। चाहे वो फल हो या डेयरी उत्पाद, गेहूं ,मक्का, दलहनी, अंगूर, नींबू जैसे अमेरिकी उत्पाद भारत नहीं आएंगे। डिब्बा बंद सब्जियां भारत नहीं आएंगी।

अब हमारे मसालों को नया बाजार मिलेगा

कृषि और डेयरी उत्पादों के अलग कई मसाले भी इस लिस्ट में शामिल, धनिया, मैथी जैसे सभी मसाले सुरक्षित हैं। अमेरिकी किसानों के उत्पादों में भारत में छूट नहीं मिलेगी। ये डील दुनिया को एक संदेश देती है। भारत की नीति कॉम्प्रोमाइज की नहीं कमिटमेंट की है। हम सौदेबाजी नहीं करते संतुलित रणनीति अपनाकर सकारात्मक फैसले लेते हैं। डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का उत्तम उदाहरण है। कृषि मंत्री के नाते कहते हुए मुझे प्रसन्नता है। भारत में जो कई चीजों पर अमेरिका का टैरिफ था अमेरिका ने उसे 50 से घटाकर शून्य किया है। 2024 25 में 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर एक्सपोर्ट के साथ मजबूत स्थिति में पहुंचे थे। अब हमारे मसालों को नया बाजार मिलेगा।

ये समझौता व्यापारिक समझौता बस नहीं

इस पूरे समझौते को अगर देखें विशेषकर मसालों के मामले में इस समझौते से भारतीय किसान और महिलाएं विशेषकर युवाओं के सपने को उड़ान भरने के लिए नए पंख मिले हैं। हमारे जो प्रतिस्पर्धी देश हैं उनसे हमारा टैरिफ काफी कम है। टेक्सटाइल , ऑटो कॉम्पोनेंट जैसी कई चीजों में टैरिफ कम हुए हैं। भारत और अमेरिका के बीच जो ट्रेड डील अभी हुई है वो अभूतपूर्व है। भारती अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली है। ये समझौता व्यापारिक समझौता बस नहीं है।

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