जयपुर ऑक्सीजन प्लांट हादसा: इलाज के दौरान तीसरे घायल ने भी तोड़ा दम
धमाके से खंडहर हुई फैक्ट्री; मलबे में बिखरे मिले मजदूरों के अंग

जयपुर। राजधानी के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) में शनिवार शाम हुए भीषण ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. ‘विल्सन क्रायो गैसेज’ प्लांट में हुए इस धमाके में अब तक मैनेजर सहित 3 लोगों की मौत हो चुकी है. विस्फोट इतना भयावह था कि 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और लोगों को लगा जैसे भूकंप आया हो. हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि राहत कार्य में जुटे लोगों की रूह कांप गई.मुन्ना राय (मजदूर): धमाके के दौरान मुन्ना के शरीर के चीथड़े उड़ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसका सिर धड़ से अलग मिला और शरीर के अन्य हिस्से फैक्ट्री के अलग-अलग कोनों में बिखरे पड़े थे. विनोद गुप्ता (मैनेजर): मुरलीपुरा निवासी मैनेजर विनोद का एक पैर और हाथ का पंजा कटकर दूर जा गिरा. शनिवार रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. शिबू (मजदूर): गंभीर रूप से घायल शिबू की रविवार तड़के SMS अस्पताल में मौत हो गई. “शवों की हालत इतनी खराब थी कि पुलिस ने अंगों को पोटली में बांधकर इकट्ठा किया है. अब DNA टेस्ट के जरिए ही पता चल पाएगा कि कौन सा अंग किस मृतक का है.” यह हादसा विश्वकर्मा रोड नंबर 17 स्थित करणी विहार कॉलोनी में संतोष गुप्ता के ऑक्सीजन प्लांट में हुआ. शनिवार शाम करीब 7:45 बजे जब सिलेंडर भरे जा रहे थे, तभी अचानक 3-4 सिलेंडरों में एक साथ ब्लास्ट हुआ. धमाका होते ही फैक्ट्री की टिनशेड छत और दीवारें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि धमाके से ठीक पहले कॉलोनी में चहल-पहल सामान्य थी, लेकिन 7:44 बजे जोरदार धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही पलों में पूरी गली में सन्नाटा पसर गया. स्थानीय निवासी कंचन और अनिल ने बताया कि ब्लास्ट के बाद पत्थर के मलबे में दबे घायलों को निकालने के लिए स्थानीय लोग तुरंत पहुंचे, लेकिन वहां का मंजर देखकर सब सन्न रह गए.


