महादेव घाट ओवरब्रिजः प्रक्रिया में ही बीत गए दो साल, एजेंसी ने नहीं किया अनुबंध, अब री-टेंडर की तैयारी
18 माह में परियोजना पूरी करने की शर्त

रायपुर। रायपुर-अमलेश्वर के बीच यातायात दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित महादेव घाट ओवरब्रिज परियोजना दो साल पीछे चली गई है. परियोजना के लिए वर्ष 2024 में मंजूरी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने नवंबर 2025 में 18.66 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया था. लेकिन वर्क आर्डर जारी करने के बाद केपनी से अनुबंध नहीं हुआ. अब दो साल बाद री-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. दरअसल, ओवरब्रिड परियोजना के लिए जारी टेंडर के तकनीकी और वित्तीय परीक्षण के बाद विश्रामपुर की एग्रो स्टील वर्क कंपनी को दिसंबर 2025 में करीब 5 प्रतिशत दर पर कार्य आवंटित कर वर्क ऑर्डर जारी किया गया, लेकिन वर्क ऑर्डर मिलने के बाद भी कंपनी ने विभाग के साथ अनुबंध नहीं किया. पीडब्ल्यूडी ने करीब चार माह तक इंतजार किया, लेकिन कंपनी के प्रतिनिधि अनुबंध प्रक्रिया पूरी करने नहीं पहुंचे. इसके बाद विभाग ने सुरक्षा जमा राशि जब्त कर अप्रैल 2026 में दोबारा टेंडर जारी किया। नए टेंडर में चार कंपनियों ने भाग लिया है. तकनीकी जांच पूरी हो चुकी है, और अब वित्तीय प्रक्रिया चल रही है. अगले 10 दिनों में नई एजेंसी का चयन कर कार्य आवंटन और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. महादेव घाट के पुराने पुल के समीप खारुन नदी पर बनने वाला यह स्टील ओवरब्रिज 180 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा होगा. निर्माण एजेंसी को कार्य शुरू होने के बाद 18 माह में परियोजना पूरी करनी होगी. पीडब्ल्यूडी के ट्रैफिक सर्वे के अनुसार, शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक इस मार्ग पर सबसे अधिक दबाव रहता है. पाटन, अमलेश्वर, दुर्ग-भिलाई और रायपुर के बीच हजारों वाहन रोज जाम का सामना करते हैं.
मानसून की वजह से प्रभावित होगा काम
विभाग की योजना गर्मी के दौरान खारुन नदी का जलस्तर कम होने का फायदा उठाकर नींव और संरचनात्मक कार्य शुरू करने की थी. लेकिन ठेकेदार के पीछे हटने से परियोजना मानसून तक खिंच गई. ऐसे में नदी के भीतर और किनारों पर होने वाले निर्माण कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे शुरुआत के बाद भी रफ्तार सीमित रहने की आशंका है.
30 साल की जरूरतों का ध्यान
अधिकारियों के मुताबिक, अमलेश्वर, पाटन रोड और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से आबादी बढ़ रही है. भविष्य के यातायात को देखते हुए अगले 30 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप फोरलेन ओवरब्रिज की डिजाइन तैयार की गई है. इस परियोजना का काम पूरा होने के बाद महादेव घाट, चंगोराभाठा, डीडी नगर, संतोषी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, अमलेश्वर, अंजोरा, पाटन रोड क्षेत्र, दुर्ग-भिलाई से रायपुर आने-जाने वालों के साथ नवा रायपुर कनेक्टिविटी से जुड़े हजारों लोगों को लाभ मिलेगा.


