साय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर: पावर कंपनी के IPO को मिली मंजूरी
कृषक उन्नति योजना नए स्वरूप में होगी लागू, 240 ई-बसों का रास्ता साफ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, ऊर्जा, परिवहन, खनिज और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ ही खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को भी स्वीकृति दी। इसके अलावा प्रदेश में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, योग विषय के प्रशासनिक पुनर्गठन और खनिज परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने जैसे अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। सरकार का मानना है कि इस कदम से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही कंपनी की वित्तीय क्षमता, पारदर्शिता और संसाधन जुटाने की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया गया है। मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। योजना का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है। नई व्यवस्था के तहत धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता के साथ जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

