‘देश में फिर आग लगाना चाहते हैं’, इंदौर में हिंदू सम्मलेन को लेकर दिग्विजय का बड़ा बयान
पानी कांड में HC के सिटिंग जज से जांच की मांग

इंदौर। भागीरथपुरा में हुई दर्दनाक घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही सार्वजनिक सुनवाई (पब्लिक हियरिंग) भी होनी चाहिए, ताकि पीड़ित पक्ष अपनी बात खुलकर रख सके। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि इस घटना में जिन भी कर्मचारियों, अधिकारियों या राजनेताओं की जिम्मेदारी तय होती है, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिम्मेदारी फिक्स करने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा और यह दूसरों के लिए नसीहत भी होगी। इस्तीफे की मांग को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस घटना की पहली और नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की बनती है, क्योंकि वे स्वयं इंदौर के प्रभारी हैं। ऐसे में उन्हें भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस की मांग केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि जो भी इस पूरे मामले में शामिल है और जिसकी भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, सभी के इस्तीफे की मांग की जाती है। इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने अपना दायित्व निभाते हुए इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का कार्यक्रम भी नगर निगम में विपक्ष के नेता द्वारा ही तय किया गया था, जो यह दर्शाता है कि पार्टी के सभी लोग अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम कर रहे हैं। वहीं इंदौर में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा की घटना बेहद दर्दनाक है और इस हादसे में जान गंवाने वाले भी हिंदू ही हैं। ऐसे संवेदनशील समय में क्या इस तरह के आयोजनों को कुछ समय के लिए टाला नहीं जा सकता था ?



