कोरिया ट्रिपल मर्डर केस में CBI जांच की मांग : गृहमंत्री शर्मा से राजपूत क्षत्रिय समाज ने की मुलाकात
BJP नेता समेत 3 लोगों की जिंदा जलाकर की गई थी हत्या

बिलासपुर. कोरिया जिले के नौगई में भाजपा नेता लल्लन सिंह समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या करने के मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है. विभिन्न राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बिलासपुर में गृहमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है. प्रतिनिधिमंडल में कन्नौजिया क्षत्रिय समाज और श्री राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि नौगई अग्निकांड की घटना में जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए. समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि हत्या के आरोपियों के स्थानीय विधायक से करीबी संबध हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके. मामले में पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसी घटनाओं में न्याय प्रक्रिया तेज और प्रभावी होनी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवारों को भरोसा मिल सके. गृहमंत्री विजय शर्मा से आग्रह किया गया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार जल्द निर्णय लेकर जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करें. राजपूत क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है. मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में कन्नौजिया क्षत्रिय समाज के प्रदेशाध्यक्ष आनंद बल्लभ सिंह, श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष आलोक सिंह परिहार,शिवप्रताप सिंह, राणाप्रताप सिंह, हरिकपूर सिंह, आशीष सिंह, उमाकांत सिंह, प्रफुल्ल सिंह और श्रीनिवास सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे. गौरतलब है कि सोनहत के नौगई गांव में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था. रेत के अवैध खनन को लेकर उनका भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था. 16 जून की देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी से जुड़े लोगों ने भरत सिंह को घर के पास घेर लिया. विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने फॉर्च्यूनर कार के आगे और पीछे हाईवा वाहन लगा दिया. फिर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. कार में भरत सिंह, उनका भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे. कार सवार भरत सिंह बुरी तरह से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई नागेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह और मयंक किसी तरह बाहर निकले. कार से बाहर निकलते ही सभी की बेदम पिटाई की गई. विरेंद्र के गले पर फरसे से वार किया गया था, गंभीर हालात में उन्हें अंबिकापुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान विरेंद्र के साथ ही नागेंद्र की भी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने मामला पंजीबद्ध करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.


