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छत्तीसगढ़ मनरेगा महासंघ के अध्यक्ष ने कर्मियों के मानव संसाधन नीति के लिए की केंद्र से मांग

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया आश्वासन

रायपुर। छत्तीसगढ़ मनरेगा महासंघ के अध्यक्ष अजय क्षत्रि ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कार्यरत कर्मियों की सेवा-सुरक्षा, मानव संसाधन नीति और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को सीधे केंद्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग संवाद कार्यक्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ की ओर से राज्य का प्रतिनिधित्व किया। बता दें कि इस कार्यक्रम में देश के चुनिंदा राज्यों के मनरेगा पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों को केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सीधे संवाद का अवसर दिया गया। छत्तीसगढ़ की ओर से नेतृत्व करते हुए अजय क्षत्रि ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के मनरेगा कर्मियों की समस्याओं को प्रभावी और तथ्यात्मक ढंग से रखा।

सेवा-सुरक्षा और मानव संसाधन नीति की उठाई मांग

संवाद के दौरान अजय क्षत्रि ने मनरेगा कर्मियों की सबसे बड़ी चिंता—सेवा सुरक्षा—को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि वर्षों से मनरेगा को सफलतापूर्वक संचालित कर रहे कर्मचारी आज भी स्थायित्व, स्पष्ट मानव संसाधन नीति और सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मनरेगा कर्मियों के लिए ठोस मानव संसाधन नीति लागू करने और सेवा सुनिश्चित करने की मांग की। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा कर्मियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो कर्मचारी मनरेगा चला रहे हैं, वही मजबूती से “वीबी-जी राम जी” जैसी अन्य योजनाओं को भी आगे बढ़ाएंगे। सेवा-सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे इस विषय पर राज्य सरकारों से चर्चा कर कर्मचारियों की सेवा सुनिश्चित कराने के लिए पहल करेंगे। साथ ही यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी मनरेगा कर्मचारी की नौकरी पर कोई खतरा नहीं आएगा।

कर्मचारियों में सकारात्मक संदेश

अजय क्षत्रि के इस प्रयास को छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मियों ने सराहना के साथ स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने जमीनी स्तर की वास्तविक समस्याओं को केंद्र सरकार के सर्वोच्च मंच तक पहुंचाया। कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों ने इसे देशभर के मनरेगा कर्मियों के हित में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल बताया। केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद मनरेगा कर्मियों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में सेवा-सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और मानव संसाधन नीति को लेकर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। अजय क्षत्रि के नेतृत्व में उठाई गई यह आवाज मनरेगा कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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