छाल खदान में ठेका कंपनी के खिलाफ मजदूरों की शिकायत पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन
5 सदस्यीय जांच दल किया गठित, 7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की खुली खदान में ठेका कंपनी एसकेए (SKA) के खिलाफ मजदूरों की शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्रमिकों की ओर से 9 सूत्रीय शिकायत दिए जाने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच दल गठित कर दिया है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच सिर्फ लात खुली खदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रायगढ़ जिले की अन्य खदानों में काम कर रही ठेका कंपनियों के श्रम कानूनों के पालन की भी जांच की जाएगी। एसईसीएल छाल क्षेत्र की खुली खदान सिम-3 विस्तार में काम कर रहे मजदूरों ने ठेका कंपनी सुनील कुमार अग्रवाल (एसकेए) के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें की हैं। श्रमिकों का आरोप है कि उनसे नियमानुसार 8 घंटे के बजाय रोजाना करीब 12 घंटे काम कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, महीने के 30 से 31 दिन तक लगातार काम कराने और साप्ताहिक अवकाश नहीं देने का भी आरोप लगाया गया है। मजदूरों ने वेतन में विसंगति का आरोप लगाते हुए कहा है कि एसईसीएल की ओर से बजट जारी किए जाने के बावजूद उन्हें निर्धारित हाई पावर कमेटी (HPC) दर का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा घर से आने-जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित तौर पर 6 हजार रुपए तक की कटौती किए जाने की शिकायत भी प्रशासन से की गई है। शिकायत में मजदूरों ने पे-स्लिप, सेफ्टी किट और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। श्रमिकों का कहना है कि वेतन भुगतान में भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। वहीं, अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले मजदूरों को नौकरी से निकालने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। कलेक्टर के आदेश के तहत 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल बनाया गया है। इसकी अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत होंगी। टीम में सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम पाणिग्राही, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल, खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी और संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है।

