छत्तीसगढ़

झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मासूम की मौत, तीन माह में चौथी घटना

लोगों ने कहा – आखिर झोलाछाप डॉक्टरों पर कब लगेगी लगाम?

बलरामपुर। झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 3 साल के मासूम अभीस चेरवा की मौत होने से परिवार में मातम पसरा हुआ है। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले की जांच जारी है। पूरा मामला ग्राम जमुआटांड़ का है। बताया जा रहा कि 3 महीने के भीतर झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से यह चौथी मौत है। जमुआटांड़ निवासी मृतक के पिता रमेश चेरवा के मुताबिक, बच्चे को बुखार था। सरनाडीह में भूलेश्वर सिंह उनका इलाज कर रहा था। मौसमी बुखार के इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद मासूम की हालत बिगड़ गई और घर पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।जानकारी अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र में 3 महीने के भीतर झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से यह चौथी मौत है। घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए स्थानीय लाेगों ने कहा कि आखिर झोलाछाप डॉक्टरों पर कब लगाम लगेगी? फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कोतवाली प्रभारी भापेंद्र साहू ने कहा कि बुखार आने पर तीन साल के मासूम को परिजन सरनाडीह में झोलाछाप डॉक्टर भूलेश्वर सिंह के पास लेकर गए थे, जहां इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। शव का पीएम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि हाल ही में बिलासपुर दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कोई भी झोलाछाप डॉक्टर नहीं है। यहां सभी प्रदेश के हित में अपने-अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। किसी को, किसी के काम को अपमानित करने वाला बात नहीं होनी चाहिए। बिना लाइसेंस, नियम कानून के विपरीत काम करने वालों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। अब बलरामपुर क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मासूम की मौत होने पर स्थानीय लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे।

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