ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस का किसान सम्मेलन: 24 तारीख को भोपाल आएंगे खरगे और राहुल गांधी
पहली बैठक में होंगे शामिल

भोपाल। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस किसान सम्मेलन करने जा रही है। 24 फरवरी को भोपाल में इसकी बैठक होगी। जिसमें शामिल होने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आएंगे। दरअसल, दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की 6 राज्यों के पीसीसी अध्यक्ष और सीएलपी लीडर के साथ बैठक हुई है। जिसमें जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के नेता मौजूद थे। जयराम रमेश ने बताया कि अमेरिका और भारत के बीच में व्यापार समझौता हुआ है। व्यापार समझौता करने में हम मजबूर हुए हैं, प्रधानमंत्री का सरेंडर हुआ है उस पर चर्चा हुई है। इसका सीधा असर पहले चरण में इन 6 राज्यों के कपास किसान, सोयाबीन किसान, मक्का किसान, और फल और मेवे के किसान पर जरूर पड़ेगा। इसलिए हमने इन 6 राज्यों के नेताओं से बात की है। उन्होंने आगे बताया कि इस महीने की 24 तारीख़ को किसान सम्मेलन की पहली बैठक भोपाल में होगी। कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष दोनों उसमें भाग लेंगे। इसके बाद 7 तारीख को यवतमाल, महाराष्ट्र में इसी तरीके से किसान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और तीसरा सम्मेलन श्रीगंगानगर में मार्च के महीने में होगा। पार्लियामेंट का सत्र, जो 9 तारीख़ को वापस शुरू होने वाला है, उसके पहले भोपाल में और यवतमाल में किसान सम्मेलनों का आयोजन होगा और इनमें दोनों हमारे नेता- कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष (लोकसभा) – दोनों इसमें मौजूद होंगे। आज शाम को कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी ने इस बात पर खासतौर से जोर दिया कि ये प्रधानमंत्री का सरेंडर है। 10 मई, 2025 को पहला सरेंडर हुआ, जब ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोक दिया गया। इसी तरह अब इंडो-यूएस ट्रेड डील, जिसके बारे में बहुत कुछ चर्चा हो रही है सरकार की ओर से, इसकी हकीक़त जो है। हकीक़त ये है कि किसान पर इसका सीधा नकारात्मक असर होगा और इसको लेकर जिस तरीके से तीन काले कृषि कानून को लेकर किसान संगठनों ने करीब डेढ़ साल तक आंदोलन चलाया, इसी तरीके से हम किसान संगठनों के साथ इन 6 राज्यों में पहले चरण में अलग-अलग राज्यों में करेंगे। पहले चरण में इन 6 राज्यों पर जोर देंगे और इस ट्रेड डील से हमारे लाखों किसानों की आजीविका पर जो ख़तरा आ पड़ा है, उसको हम उजागर करेंगे… जनता के बीच भी जाएंगे।

