ट्रेन-ट्रक की चपेट में आने से 14 मवेशियों की मौत, पशुपालक को मुआवजा देने की कार्रवाई हुई शुरू
पशुपालकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा कर दिया है

भानुप्रतापपुर। भानुप्रतापपुर के आसपास बीती रात और आज सुबह हुए दो अलग-अलग हादसों में 14 मवेशियों की मौत हो गई। भानुप्रतापपुर से लगे भैंसाकन्हार के पास बीती रात ट्रेन की चपेट में आने से 10 मवेशियों की मौत हो गई, वहीं भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक में सुबह करीब 5 बजे अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से 4 मवेशियों ने दम तोड़ दिया। पहली घटना भैंसाकन्हार की है, जहां बीती रात ट्रेन की चपेट में आने से 10 मवेशियों की मौत हो गई, सभी मवेशियां गांव के ही पशुपालक रमेश विक की थी। घटना की जानकारी मिलते ही भानुप्रतापपुर एसडीएम गंगाधर वाहिले अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और सभी मृत मवेशियों का एक-एक कर पोस्टमार्टम किया। प्रशासन की ओर से पशुपालक को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई भी की जा रही है। पशुपालक रमेश उइके का कहना है कि गांव के पास रेलवे ट्रैक के दोनों ओर लंबा मोड़ है। उनका आरोप है कि इस मोड़ के कारण कई बार ट्रेन अचानक दिखाई देती है. ट्रेन चालक के हॉर्न नहीं बजाने की वजह से आसपास चर रही मवेशियों और पशुपालकों को ट्रेन के आने का समय पर पता नहीं चल पाता। वहीं दूसरी घटना भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक की है। आज सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से चार मवेशियों की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। एक ही दिन में अलग-अलग घटनाओं में 14 मवेशियों की मौत ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ पशुपालकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।



