छत्तीसगढ़

पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन, CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि; बोले- “विश्व पटल पर दिलाई विशिष्ट पहचान”

भोपाल। कला और लोक संस्कृति के क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त और प्रख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया है। उनके निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने डॉ. तीजन बाई के कला जगत में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्वितीय कला, ओजस्वी प्रस्तुति और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से न केवल भारतीय संस्कृति को सहेजा, बल्कि पंडवानी गायन को विश्व पटल पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई। कला जगत में उनका यह योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि “ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान

करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके करोड़ों प्रशंसकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें।”डॉ. तीजन बाई का जाना लोक कला जगत के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है।
उनके निधन की खबर से देश-विदेश में मौजूद उनके प्रशंसकों और कला प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

छत्तीसगढ़ के साधारण परिवार में हुआ था जन्म

डॉ. तीजन बाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को छत्तीसगढ़ के एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही महाभारत की कथाओं पर आधारित पंडवानी गायन की शिक्षा प्राप्त की और पुरुष प्रधान मानी जाने वाली कापालिक शैली में प्रस्तुति देकर नई पहचान बनाई। अपनी प्रभावशाली आवाज और मंचीय कौशल के दम पर उन्होंने पंडवानी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा
दिलाई। भारतीय लोक संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्मभूषण और 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।





















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