छत्तीसगढ़

पात्रता धारी शिक्षकों का ऐलान: शिक्षक दिवस पर तुता मैदान में करेंगे ‘टीईटी आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’

‘न्याय सत्याग्रह’ के माध्यम से शिक्षक शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करेंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ के टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण शिक्षकों ने अपनी लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए  सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य के पात्रता धारी शिक्षकों ने सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय एवं छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में उल्लेखित नियमों के आधार पर तुरंत पदोन्नति की मांग की। इसके साथ ही अपनी मांग को लेकर शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर को नवा रायपुर स्थित तुता मैदान में ‘टीईटी आधारित पदोन्नति न्याय सत्याग्रह’ करने का ऐलान किया है। टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ राकेश मिश्रा ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में विषय-विशेषज्ञ और पात्रता प्राप्त शिक्षकों का होना अनिवार्य है। यदि छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत टीईटी अनिवार्य करते हुए पदोन्नति की जाती है, तो स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को विषय के अनुकूल योग्य, अनुभवी एवं पूर्णतः पात्रता प्राप्त शिक्षक मिल सकेंगे। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश का शैक्षणिक स्तर भी सुधरेगा। शिक्षकों का स्पष्ट मत है कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने अपने आदेशों में साफ किया है कि शिक्षकों की भर्ती और पदोन्नति दोनों में ही टीईटी की योग्यता अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में भी इसके प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद, विभाग द्वारा इस प्रक्रिया में हो रही देरी से योग्यताधारी शिक्षकों में भारी असंतोष और निराशा व्याप्त है। शिक्षकों का कहना है कि बिना टीईटी योग्यता वाले शिक्षकों को पदोन्नत करना नियमों का उल्लंघन होगा। राकेश मिश्रा ने कहा कि अपनी मांगों को शासन तक पुरजोर तरीके से पहुंचाने के लिए प्रदेशभर से हज़ारों की संख्या में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर तुता मैदान, नवा रायपुर में एकत्रित होंगे। इस ‘न्याय सत्याग्रह’ के माध्यम से शिक्षक शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करेंगे और सरकार से मांग करेंगे कि बिना किसी देरी के केवल और केवल पात्रता नियमों का पालन करते हुए वरिष्ठता सूची जारी कर शीघ्र पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं। इसके साथ शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अपील की है कि वे इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए नियम सम्मत त्वरित निर्णय लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button