छत्तीसगढ़

फर्जी ट्रांसफर आदेश मामला: जेल जाने से पहले दोनों आरोपी RMA की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती

साइबर सेल और पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया

बलौदाबाजार। पलारी थाना क्षेत्र में सामने आए फर्जी ट्रांसफर आदेश के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में शामिल दो ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन और रवि कुमार सेन जेल दाखिल होने से पहले बीमार पड़ गए। दोनों ने पेट दर्द और लूज मोशन की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें पहले पलारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर भर्ती कराया गया। उपचार के बाद दोनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अब उन्हें आवश्यक हिदायतों के साथ डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस दोनों को जेल दाखिल कराएगी। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अशोक वर्मा ने बताया कि दोनों को रात में पेट दर्द और लूज मोशन की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका उपचार किया गया और अब दोनों की स्थिति बेहतर है। आवश्यक हिदायतों के साथ उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस की निगरानी में जेल भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दोनों आरोपियों के अचानक बीमार पड़ने को लेकर मामले में अलग-अलग चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, जब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था, तब उनकी स्थिति ठीक थी। इसके बाद पलारी अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने पेट दर्द और लूज मोशन की शिकायत की और उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सूत्रों की ओर से यह दावा भी किया जा रहा है कि जेल दाखिल होने या जमानत की प्रक्रिया से बचने के लिए बीमारी की बात सामने लाई गई हो सकती है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, जिला चिकित्सालय की ओर से दोनों के भर्ती होने और उपचार किए जाने की पुष्टि की गई है।

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