मध्य प्रदेश

मंदिर किसी के डैडी का नहीं है… BJP विधायक प्रीतम लोधी के फिर बिगड़े बोल

200 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचकर कहा- अभी हिंदी में समझा रहा हूं

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी अपने विवादित बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। 2 मंदिरों का विवाद सुलझाने के लिए वह 200 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे। लेकिन इस दौरान जो कहा, उसके बाद आशंका है कि वह विपक्ष के निशाने पर आ सकते हैं। उन्होंने इशारों में पुजारियों को दंगा करने वाला बताते हुए कहा कि रावण राज्य छोड़िए। जनता इन्हें यहां से खदेड़ेगी। भाजपा विधायक प्रीतम लोधी बगीचा सरकार मंदिर में महंत पक्ष और पुजारी पक्ष के बीच चल रहे एकाधिकार की लड़ाई के मामले में करेरा पहुचे थे। विधायक ने इस दौरान महंतों का समर्थन करते हुए एक तरह से पुजारियों को खुली धमकी दे दी। उन्होंने कहा ”मंदिर किसी के डैडी का नहीं है। यहां रावण गिरी ठीक नहीं है। राम राज्य चल रहा है। अभी हिंदी में समझा रहा हूं, फिर अंग्रेजी में समझाना  भी आता है।’

पुजारी और महंत में चली थी लाठियां

करेरा के प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में शनिवार की रात उस समय बवाल मच जब मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आस्था के इस केंद्र में जमकर लाठियां चली। इस घटना में पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें करेरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया l घटना का वीडियो वायरल हो गया जिसके बाद घायलों शिकायत पर पुलिस ने महंत पक्ष के लोगों पर एफआइआर दर्ज कर ली। करेरा में बगीचा सरकार हनुमान मंदिर के महंत और राम जानकी मंदिर के पुजारी भोला पंडित के बीच कई दिनों से विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि भोला पंडित ने कार्यक्रम के लिए 21 लाख रुपए दान दिए थे। इसके बाद से भोला पंडित ने राम जानकी मंदिर पर कब्जा कर लिया और वहां से होने वाली इनकम को वह अपने पास रखने लगा। मंदिर के महंत ने इसका विरोध किया, जिसके बाद शनिवार को एक मीटिंग का आयोजन किया गया था। इसी मीटिंग के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि लाठियां चल गई।  इसी विवाद को लेकर भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने सुलझाने की सोची। उन्होंने 200 से ज्यादा गाड़ियों का काफिला उठाया और फर्राटा भरते हुए मंदिर पहुंच गए। लेकिन इस दौरान जो भाषा बोली, वह चर्चा में आ गई। बताया जा रहा है कि पुजारी ब्राम्हण समाज के हैं वहीँ महंत गुर्जर समाज के हैं। इसी वजह से विधायक ने महंत का समर्थन करते हुए बिना नाम लिए पुजारियों पर विवादित टिप्पणी कर दी। गौरतलब है कि पिछोर विधायक इस मामले में दखल देने करेरा पहुंच गए जबकि करेरा के विधायक रमेश खटीक इस मामले से दूरी बनाए हुए हैं। करेरा से भाजपा विधायक रमेश खटीक हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव करेरा से हैं। प्रदेश पदाधिकारी रणवीर रावत करेरा से हैं और इन सभी ने अब तक इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है। करेरा में प्रीतम लोधी का दखल ओर खुली चुनोती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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