छत्तीसगढ़

मासूम बच्चों पर हमला करने वाला तेंदुआ शातिर निकला, बकरे का चारा सूंघने तक नहीं आ रहा

धान कटाई के बाद से सक्रिय है तेंदुआ

गरियाबंद। तीन मासूम बच्चों पर हमला करने वाला तेंदुआ शातिर साबित हो रहा है. वन विभाग द्वारा 5 दिनों से चारा के तौर पर रखे गए बकरे को सूंघने तक नहीं आया है। वन विभाग का अमला सावधानी के लिए लगातार गश्त और मुनादी करा रहा है, इसके साथ सूचना के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया। गरियाबंद जिला मुख्यालय से लगे बारूका सर्किल के पंटोरा, खट्टी गांव में तेंदुए ने 21 मई से 24 मई के बीच तीन मासूम बच्चे का शिकार करने हमला किया, तीनों ही मामले में माता -पिता तेंदुए के साथ संघर्ष कर बच्चों को मौत के मुंह से छुड़ा लाए थे।आतंक को देखते हुए पिछले एक सप्ताह से वन अमला उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग तरीके आजमा रहा है। संभावित विचरण क्षेत्र में ट्रेप कैमरे लगाए गए, फिर जिंदा बकरा को चारा बना पिंजड़े लगाए गए। अब तक पिंजड़े को चार अलग-अलग लोकेशन में लगाए गए पर विभाग को सफलता नहीं मिली है। बच्चों पर हमला करने वाला तेंदुआ अब नजर नहीं आ रहा। गांव में रात को अब कुत्ते भौंकने के आवाज से अनुमान लगाया जा रहा है कि उसकी मौजूदगी आसपास है। ऐसे में वन अमला के लिए तेंदुआ को पकड़ना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभाग ने एक टोल फ्री नम्बर भी जारी किया है, ताकि देखने वाले नम्बर पर तत्काल वन विभाग को सूचना दे सके।

धान कटाई के बाद से सक्रिय है तेंदुआ

ग्रामीण पन्ना लाल ने बताया कि धान कटाई के बाद लगातार गांव में तेंदुआ आ रहा है।बताया गया कि पहले तेंदुआ आवारा कुत्तों को शिकार किया,फिर पालतू जानवर और मुर्गियों को शिकार बनाता गया। लेकिन 21 मई के बाद से तेंदुए मासूम बच्चों को उठा ले जाने की कोशिश किया तो ग्रामीण दहशत में आ गए। किराना दुकान संचालक प्रभुलाल ने बताया कि शाम 5 से 6 बजे के बाद अब काम समेटना पड़ रहा। बच्चों को बाहर जाने नहीं दिया जा रहा।शाम ढलने के बाद तेंदुए के आमद की आहट कुत्तों को मिलता है, अक्सर भौंकने की आवाज आती है। इस समय में हम पूरे गांव वाले चौकन्ना हो जाते हैं। सुबह निस्तार के लिए जाना हो या वनोपज एकत्र करने जाना हो सभी का समय बदल गया है। दिनचर्या पूरी तरह बदल गया है।ग्रामीण बोले जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाता हमारे काम काज प्रभावित होंगे।गांव में दहशत बना रहेगा। 21 मई को पंटोरा के कमार बस्ती में शाम के समय 10 साल का धनेश पड़ोसी के घर से टीवी देखकर अपने घर लौट रहा था, तभी अचानक तेंदुए ने झपट्टा मार गर्दन दबोच घसीटना शुरू किया. बच्चे और पालतू कुत्ते की शोर से मां एलर्ट हो गई। नजारा देख बदहवास मां ने डंडे लेकर तेंदुए का पीछा किया और बेटे को मौत के मुंह से छुड़ा लाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button