मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर बवाल जारीः सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
हाईकोर्ट में चुनाव याचिका लगाने की तैयारी

भोपाल। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने का मामला अब एक बड़े सियासी संग्राम में तब्दील हो चुका है। कांग्रेस इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं है और इसके खिलाफ ‘जनता की अदालत’ में उतरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक इस मामले को लेकर हलचल तेज है। कांग्रेस अब सड़कों पर संघर्ष के साथ-साथ कानूनी लड़ाई का मन बना चुकी है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई के विरोध में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत आगामी 15 जून से 17 जून तक प्रदेश भर में सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। 15 जून: आंदोलन की शुरुआत यूथ कांग्रेस के उग्र प्रदर्शन के साथ होगी। 16 जून: एनएसयूआई (NSUI) के छात्र विंग के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आक्रोश जताएंगे। 17 जून: महिला कांग्रेस मोर्चा संभालेगी और इस पूरी कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।
दिल्ली में महामंथन, हाईकोर्ट जाएगी कांग्रेस
एक तरफ जहाँ मध्य प्रदेश में आंदोलन की आग सुलग रही है, वहीं दूसरी तरफ मीनाक्षी नटराजन खुद दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। वे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और बड़े कानूनी दिग्गजों के साथ लगातार मंथन कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इसी सप्ताह हाईकोर्ट में ‘चुनाव याचिका’ (Election Petition) दायर करने जा रही है। इस कानूनी लड़ाई की सबसे खास बात यह होगी कि कांग्रेस को इस मामले में संबंधित सीट से जीते हुए तीनों उम्मीदवारों को भी पक्षकार (Party) बनाना होगा, जिससे यह कानूनी पेच और दिलचस्प होने वाला है।




