छत्तीसगढ़

मेडिकल पीजी में आरक्षण: हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना

2025 को पारित आदेश के पैराग्राफ 21 में निहित निर्देशों के स्पष्टीकरण की मांग करते हुए आवेदन पेश किया था

रायपुर। मेडिकल पीजी में प्रवेश के लिए राज्य में लागू डोमिसाइल आरक्षण को रद्द करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सेंट्रल पुल और संस्थागत आरक्षण की स्थिति साफ कर दिया है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य शासन ने राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही मेडिकल पीजी में एडमिशन को लेकर अधिसूचना जारी कर दिया है. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने अहम फैसले में कहा, संस्थागत आरक्षण हेतु 50 प्रतिशत सीटें तथा ओपन मेरिट हेतु 50 प्रतिशत सीटेंआरक्षित रहेंगी. संस्थागत आरक्षण 50 प्रतिशत सीटों में शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की कुल सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेगा, जिन्होंने छत्तीसगढ राज्य में स्थित एनएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालयों से एमबीबीएस उत्तीर्ण किया है, अथवा जो सेवारत अभ्यर्थी है. इन सीटों पर प्रवेश केवल संस्थागत आरक्षण के पात्र अभ्यर्थियों के मध्य मेरिट के आधार पर दिया जाएगा. गैर संस्थागत आरक्षण शेष 50 प्रतिशत सीटें ओपन कैटेगरी मानी जाएंगी. इन सीटों पर प्रवेश सभी पात्र अभ्यर्थियों हेतु राज्य स्तरीय मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा. ओपन सीटों पर किसी प्रकार की संस्थागत आरक्षण लागू नहीं होगी. राज्य सरकार ने डॉ. समृद्धि दुबे की याचिका पर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच द्वारा 20 नवंबर.2025 को पारित आदेश के पैराग्राफ 21 में निहित निर्देशों के स्पष्टीकरण की मांग करते हुए आवेदन पेश किया था

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