छत्तीसगढ़

साहित्य उत्सव: पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिन लगेगा मेला, स्थानीय व्यंजनों के साथ आप उठाएंगे नाटक

विचार-विमर्श, परिचर्चा और कविताओं का लुत्फ…

रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद् के तत्वावधान में 23 से 25 जनवरी तक साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. नवा रायपुर के अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में होने वाले आयोजन में देश-प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकार शामिल होंगे. तीन दिनों में कुल 42 सत्र होंगे, जिसमें अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी. छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन में 58 दूसरे प्रांतोें से और 60 प्रदेश के साहित्कारों को मिलाकर कुल 118 साहित्यकार, कलाकार शामिल होंगे. पहले दिन उद्घाटन सत्र में राज्यसभा सांसद हरिवंश शामिल होंगे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे. उत्सव का समापन 25 जनवरी को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों सहित डॉ. सच्चिदानंद जोशी, डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी शामिल होंगे. साहित्य उत्सव के दौरान साहित्यकार एवं रंगमंच के चर्चित कलाकार मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन भी 23 जनवरी को शाम 7 बजे से होगा. महाभारत में कृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज, सिनेमा के जाने-माने निर्माता निर्देशक अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में शिरकत करेंगे. 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य पाठ भी होगा. शशांक शर्मा ने बताया कि साहित्यकारों के विचार-विमर्श, परिचर्चाओं के लिए 4 मंडप बनाये गए हैं, जिनका नामांकरण छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकारों पर किया गया है. मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के एक मात्र साहित्यकार स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है. दूसरे मंडप का नामकरण पं. श्यामलाल चतुर्वेदी के नाम पर, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी के नाम पर और चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरूद्ध नीरव के नाम पर किया गया है. आयोजकों ने बताया कि स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जहां प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशकों सहित लगभग 15 प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे. आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों, स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा लिखी गई पुस्तकों को भी प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा. यहां साहित्यकारों द्वारा लिखी गई नई पुस्तकों का भी विमोचन कराने की व्यवस्था होगी. आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष में हुए विकास को प्रदर्शित करने वाली आकर्षक प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी. स्थानीय युवाओं, लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए टेलेंट जोन भी बनाया जाएगा, जहां काव्य पाठ कहानी पाठ लोकनृत्य प्रदर्शन के साथ – साथ स्थानीय युवा गीत-संगीत में भी अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे. आयोजन स्थल पर विभिन्न क्विज प्रतियोगिताएं भी प्रतिदिन आयोजित होंगी. विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र भी दिये जाएंगे. आयोजन स्थल पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से पहुंचने एवं वापसी के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 बसों का भी निःशुल्क संचालन होगा. यह बसें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा जैसे मुख्य स्थलों से छह रास्तों पर चलेगी. साहित्य उत्सव के सफल आयोजन के लिए लगभग 500 अधिकारी कर्मचारी दिन-रात व्यवस्थाओं में जुटे हैं. आयोजन स्थल पुरखौती मुक्तांगन की साज-सज्जा पंडाल बनाने, रंग-रोगन और जरूरी व्यवस्थाएं तेजी से पूर्णता की ओर हैं. आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान का स्वाद भी आंगतुक ले सकेंगे. इसके लिए लगभग 15 फूड स्टॉल भी लगाये जा रहे हैं. आयोजन स्थल पर पानी, साफ-सफाई, शौचालय आदि व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही है.

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