
रायपुर. ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सुकमा जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए ‘लखपति दीदी’ अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बिहान कैडरों, संकुल संगठनों, ग्राम संगठनों के पदाधिकारियों तथा जिला एवं विकासखंड स्तरीय टीमों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आजीविका गतिविधियों, समूहों के अभिलेखों के संधारण और संगठनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सीईओ ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत ऑनलाइन लोकोस एंट्री, लखपति दीदी एंट्री तथा संकुल स्तरीय संगठनों के दैनिक लेन-देन का रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित गांवों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द ‘लखपति दीदी ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बैंक लिंकेज और वुमेन एंटरप्राइज फाइनेंसिंग की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सीईओ ने समूहों के ऋण प्रकरणों को नियमित रूप से बैंकों में भेजने तथा चक्रिय निधि एवं सामुदायिक निवेश निधि के अधिक से अधिक प्रस्ताव तैयार करने पर बल दिया। प्रशासन का मानना है कि बैंकिंग सुविधाओं तक बेहतर पहुंच और आजीविका गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से सुकमा की हजारों महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।




