हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : गौरव मार्तंड उत्सव में CM साय हुए शामिल
कहा- देश की आजादी से लेकर नक्सलवाद के खात्मे तक मीडिया का अहम योगदान

रायपुर. हिन्दी पत्राकारिता की 200 वर्षों की यात्रा पूरी होने पर रायपुर प्रेस क्लब ने शनिवार को पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव मनाया. श्रीराम मंदिर के सुंदर सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. दो सत्रों में कार्यक्रम समपन्न हुआ, जिसमें वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा, उसके योगदान और आगामी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए. इस कार्यक्रम में पत्रकारिता, साहित्य और समाज से जुड़े अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सहभागिता की. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि साल 1836 में देश के पहले हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड की शुरुआत कोलकाता से हुई थी, जिसने देश में पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र का सच्चा सेनानी बताते हुए कहा कि पत्रकारिता ने ही देश में आजादी की अलख जगाई थी. असल मायनों में पत्रकारिता ही देश का चौथा स्तंभ है. वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और कहा कि उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से देश में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाई थी. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया. उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया. उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा.




