
पॉक्सो मामलों की विशेष कोर्ट ने नाबालिग पीड़िता के अपहरण व बलात्कार को दोषी को बीस साल कारावास की सजा सुनवाई है. कोर्ट ने झालावाड़ निवासी हेमराज मीणा उर्फ डामा पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कहा कि दोषी का कृत्य पीड़िता के व्यक्तित्व व उसकी गरिमा को आहत करने वाला है. इस गंभीर अपराध के लिए उसके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती.
विशेष लोक अभियोजक के मुताबिक कि 25 नवंबर 2019 को पीड़िता के पिता ने प्रताप नगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह परिवार सहित गांव गया हुआ था. गांव से वापस आने पर पता चला कि 21 नवंबर को ट्रेक्टर चालक हेमराज उसकी 16 साल की नाबालिग बेटी को बहला-फुसला कर कहीं ले गया है. पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर दोषी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया. कोर्ट में अभियोजन की ओर से मेडिकल रिपोर्ट पेश कर गवाहों के बयान दर्ज कराए. पीड़िता ने भी अभियुक्त के खिलाफ गवाही दी. डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट, सबूतों व गवाहों के बयानों पर दोषी को बीस साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई. कोर्ट ने कहा कि दोषी ने नाबालिग पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ एक से ज्यादा बार दुष्कर्म किया है. ऐसे में रहम नहीं किया जा सकता है.


