
जबलपुर. दुश्मन की धरती हिला देने वाले थाउजेंड पाउंडर एयर बम की बॉडी का निर्माण देश की छोटी आयुध निर्माणियों में शामिल जबलपुर की ग्रे आयरन फाउंड्री (जीआईएफ) में होगा.
मिग फाइटर विमान में आसानी से इस्तेमाल होने वाला यह बम एयरपोर्ट से लेकर हाईवे, बड़े भवन और युद्धपोत तक को तबाह कर देगा. 450 किलो का बम जहां गिरेगा वहां ढाई मीटर तक की जमीन धंस जाएगी. जीआईएफ में इससे पहले 250 किलो वजन तक का बम बनाया जा चुका है.
बारूद भरने का काम..
बम बॉडी में बारूद भरने का काम जबलपुर में आयुध निर्माणी खमरिया में होता है. बम बॉडी का उत्पादन आयुध निर्माणी मुरादनगर में होता है. लेकिन, वायुसेना ने जितना उत्पादन का लक्ष्य दिया है, उसे समय पर पूरा करना कठिन हो रहा है, इसलिए जीआईएफ को भी इसमें शामिल किया है.



