
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के लाइव ट्रांसक्रिप्शन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के लिए देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की पहल को बुधवार को सराहा. सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पहली बार प्रायोगिक आधार पर मुख्य न्यायाधीश के अदालत कक्ष में जीवंत प्रतिलेखन (लाइव ट्रांसक्रिप्शन) शुरू किया गया था.
रिजिजू ने ट्वीट किया, भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने एआई का उपयोग करके सुनवाई को प्रसारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ी पहल की है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट आधिकारिक रूप से संविधान पीठ की कार्यवाही का प्रतिलेख प्रकाशित करता है. रिजिजू न्यायिक प्रणाली के साथ-साथ मध्यस्थता की कार्यवाही में एआई के उपयोग पर जोर देते रहे हैं.
एआई को बढ़ावा देने की जरूरतसीएजी
अलग-अलग विभागों में बढ़ते तकनीक के दखल को देखते हुए नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) गिरीश चंद्र मुर्मू ने ऑडिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने की वकालत की है.
मुर्मू ने कहा कि सभी विभागों के बीच समन्वय के लिए तकनीक को और प्रोत्साहित करने की जरूरत है. गिरीश चंद्र मुर्मू के मुताबिक, गति शक्ति जैसी योजनाओं के बाद विभिन्न मंत्रालयों में सामंजस्य बिठाने के लिए बेहतर एआई की भी आवश्यकता होगी. भारत के जी20 की अध्यक्षता के दौरान देश के सीएजी जी20 के सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशंस यानी साई समूह के अध्यक्ष हैं.
इसी क्रम में दिल्ली में आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने ये बातें कही. सीएजी ने जोर देकर कहा कि तकनीकी प्रगति के इस युग में डिजिटल परिवर्तन और एआई सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए तेजी से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.

