दुनियाराष्ट्र

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनियाभर के प्रतिनिधियों ने योगासन किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में योग सत्र का नेतृत्व किया. इस दौरान योग सत्र में सर्वाधिक देशों की भागीदारी का विश्व कीर्तिमान भी बना. इसे गिनीज बुक में दर्ज किया गया. कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा, योग दुनिया को एक साथ लाने का काम कर रहा है.

वॉशिंगटन पहुंचे न्यूयॉर्क में योग कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी वॉशिंगटन पहुंचे. यहां वे गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मिलेंगे और व्हाइट हाउस में रात्रि भोज में शामिल होंगे. इसके अलावा वे अमेरिकी कांग्रेस को भी संबोधित करेंगे.

सर्वाधिकार से मुक्त प्रधानमंत्री ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के नॉर्थ लॉन में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन करने के साथ योग कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने अपना संबोधन ‘नमस्ते’ शब्द के साथ शुरू किया. इस दौरान उन्होंने योग को सही मायने में विश्वव्यापी और सर्वाधिकार (कॉपीराइट एवं पेटेंट) से मुक्त बताया.

योग विश्वव्यापीमोदी ने कहा, योग भारत से आया है और यह बहुत पुरानी परंपरा है. योग कोई भी कर सकता है. इसे विश्व के किसी भी कोने में ले जाया जा सकता है.

मोटे अनाज का जिक्र मोदी ने कहा कि पिछले साल भारत के इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स (मोटे अनाज) को लेकर दुनिया एक साथ आई थी, आज योग के लिए विश्व को एकजुट देखकर अच्छा लग रहा है.

विश्वभर के प्रतिनिधि शामिल हुए योग दिवस समारोह में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी, विश्वभर के राजनयिकों और प्रख्यात व्यक्तियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष कसाबा कोरोसी, हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेरे, न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम, शेफ विकास खन्ना समेत 135 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

भारत के विचारों का विस्तार वहीं, प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा,योग का प्रसार भारत के विचार का विस्तार है, जो पूरे संसार को एक परिवार के रूप में समाहित करता है. योग के विस्तार का अर्थ है ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का विस्तार. इसलिए भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 सम्मेलन का विषय भी ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ है.

अंतरविरोध खत्म करना होगा मोदी ने कहा,आर्कटिक से अंटार्कटिका तक, भारत के दो अनुसंधान केंद्र यानी पृथ्वी के दो ध्रुव भी योग से जुड़ रहे हैं. मोदी ने कहा, योग हमारी अंतरदृष्टि को विस्तार देता है. हमें योग से अंतरविरोध, गतिरोध और प्रतिरोध खत्म करना है.

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