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BCCI की जर्सी स्पॉन्सरशिप छोड़ेगी BYJU’s, जानिए इसकी वजह क्या है

BYJU’s भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ अपने जर्सी प्रायोजक सौदे से बाहर निकलने की मांग कर रहा है क्योंकि एडटेक कंपनी अपने मीडिया खर्च को बढ़ाने की दिशा में काम करती है, सूत्रों के अनुसार Byjus ने बीसीसीआई से कहा है कि वह प्रायोजन सौदे पर समय देना चाहता है, कंपनी मार्च 2023 तक एक प्रायोजक के रूप में जारी रह सकती है.BYJU’s बीसीसीआई (BCCI) के साथ प्रायोजन सौदे से बाहर निकलना चाहता है क्योंकि यह भारत में अपने मीडिया खर्च का अनुकूलन (Customization) कर रहा है.

BYJU’s का वित्तीय वर्ष 2020-21 (FY21) में 4,588 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो उससे पिछले साल की तुलना में 19 गुना अधिक है. फर्म ने FY21 में राजस्व में 4 फीसदी की ग्रोथ दर्ज कर 2,428 करोड़ रुपये कमाए. BYJU’s ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह ‘ऑप्टिमाइज़ेशन’ ड्राइव के हिस्से के रूप में लगभग 2,500 कर्मचारियों, या अपने कर्मचारियों के 5 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करेगी. हालांकि, इसके ठीक बाद कंपनी ने अपनी सामाजिक प्रभाव इकाई ‘एजुकेशन फॉर ऑल’ के लिए जाने-माने फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेस्सी (Lionel Messi) को पहला ग्लोबल ब्रांड एम्बेसडर बनाया था. इसके बाद कंपनी को सोशल मीडिया यूजर्स के गुस्से का शिकार होना पड़ा था. एक लिंक्डइन यूजर ने लिखा था कि 100 और कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर रोनाल्डो को भी हायर कर लो.

ऐसा माना जाता है कि उसने फीफा सौदे के लिए 30-40 मिलियन डॉलर का भुगतान किया है. जून में, बायजू ने बीसीसीआई के साथ 2023 के अंत तक 55 मिलियन डॉलर में अपना सौदा बढ़ाया. बीसीसीआई के साथ इसकी मूल डील की अवधि मार्च 2022 में समाप्त हो गई थी.

भारतीय टीम का जर्सी स्पॉन्सर बन बायजू

BCCI और Byju’s के बीच हुए नए सौदे के अनुसार, एडटेक प्रमुख ओप्पो प्रति मैच के आधार पर जो भुगतान कर रहा था, उससे लगभग 10% अधिक भुगतान कर रहा है. बायजू के पूर्ववर्ती ओप्पो प्रति द्विपक्षीय मैच के लिए 4.61 करोड़ रुपये और आईसीसी मैच के लिए 1.56 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा था. ओप्पो की जगह अब बायजू भारतीय टीम का जर्सी स्पॉन्सर बन गया है.

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