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देश की पहली रैपिड एक्स ट्रेन मेरठ-दिल्‍ली के बीच जर्मनी की कंपनी चलाएगी

गाजियाबाद. जर्मनी की रेलवे कंपनी डायचे बान एजी की सहायक कंपनी डायचे बान इंजीनियरिंग एंड कंसल्टेंसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (डीबी इंडिया) रैपिड ट्रेन चलाएगी। देश के प्रथम दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कारिडोर के संचालन और मरम्मत के लिए एनसीआरटीसी ने डीबी इंडिया के साथ अनुबंध कर लिया है। यह अनुबंध 12 साल की अवधि के लिए हुआ है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) का दावा है कि डॉयचे बान इंडिया (डीबी इंडिया कंपनी) बेहतर सेवा उपलब्ध कराएगी और यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखेगी. कंपनी ने करार होने के बाद प्राथमिक खंड के साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो स्टेशन अपने अधीन कर लिए. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि यह कंपनी कई देशों में सेवा दे रही है.

साइबर सिटी तक मेट्रो का काम जुलाई से शुरू होगा

मिलेनियम सिटी में डेढ़ दशक बाद मेट्रो विस्तार का रास्ता साफ हो गया. हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो परियोजना का काम जुलाई से शुरू होगा. परियोजना पर 5,452 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

नए रूट पर मेट्रो 80 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी और सामान्य गति 34 किलोमीटर होगी. इसी के अनुसार ट्रैक को डिजाइन किया जाएगा. हुडा सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो विस्तार परियोजना के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है. काम आवंटन होने के चार साल में निर्माण कंपनी को प्रोजेक्ट पूरा करना होगा. साल 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है.

बसई के पास डिपो बनेगा मेट्रो रूट द्वारका एक्सप्रेसवे को भी पुराने शहर से जोड़ने का काम करेगा. इसके अलावा बसई के पास मेट्रो के लिए डिपो भी तैयार किया जाएगा. डिपो के नजदीक सेक्टर-101 में भी एक मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है. जो द्वारका एक्सप्रेसवे को भी इस मेट्रो रूट से जोड़ेगा.

इसी महीने उद्घाटन की तैयारी

रैपिड एक्स ट्रेन का परिचालन इस माह के आखिरी सप्ताह में शुरू करने की तैयारी है. साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार है. इस खंड के पांचों स्टेशन अंदर से बन गए हैं. लिफ्ट,सीढ़ियां और गेट तैयार हो गए हैं. सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए. प्लेटफॉर्म भी बन गए हैं.

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि देश में रेल-आधारित ट्रांजिट सिस्टम सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं. इनमें कुछ गतिविधियां निजी कंपनी को दी जाती हैं. आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय ने वर्ष 2017 में मेट्रो रेल नीति जारी की थी. इसमें रीजनल रेल और मेट्रो रेल परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी पर ज़ोर दिया गया है.

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