
नई दिल्ली . सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित नए नियम जारी कर दिए. इसके तहत सट्टेबाजी और दांव लगाने से संबंधित किसी भी ऑनलाइन गेम को प्रतिबंधित कर दिया गया है. मीडिया संस्थानों को भी ऐसे गेम को बढ़ावा देने से परहेज करने की सलाह दी गई है.
सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वास्तविक धन में होने वाले जुए संबंधित किसी भी ऑनलाइन गेम को संचालित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इनके विज्ञापनों को लेकर भी चेतावनी जारी की है. मीडिया संस्थाओं, मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विज्ञापन मध्यस्थों को सलाह दी गई है कि वे सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के विज्ञापन व प्रचार सामग्री को प्रसारित करने से बचें.
इस आधार पर मंजूरी ऑनलाइन गेम को मंजूरी देने का फैसला इस बात को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा कि उस गेम में किसी तरह से दांव या बाजी लगाने की प्रवृत्ति तो शामिल नहीं है. अगर एसआरओ को यह पता चलता है कि किसी ऑनलाइन गेम में ऐसा हो रहा है तो उसे मंजूरी नहीं देगा.
एसआरओ से अनुमति ऑनलाइन गेम की अनुमति के मानदंड निर्धारित करने के लिए कई स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) बनाए जाएंगे. एसआरओ में बच्चों के माता-पिता, खिलाड़ी, सरकार और गेमिंग मध्यस्थों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. निजी कंपनियों ने एसआरओ के लिए मसौदा दाखिल किया है, जिस पर उनसे चर्चा की जाएगी.
सरकारी फैक्ट चेकर की सलाह पर कार्रवाई होगी
सरकार की ओर से अधिसूचित फैक्ट चेकर द्वारा गलत या भ्रामक जानकारी के रूप में पहचान की गई सामग्री को न हटाने पर गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी इंटरनेट कंपनियां विशेष अधिकार खो सकती हैं. मंत्री ने उन तर्कों को खारिज कर दिया कि यह मुक्त भाषण पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इंटरनेट कंपनियां एक मध्यस्थ के रूप में कुछ संरक्षण चाहती हैं तो उन्हें अपने कुछ दायित्व निभाने होंगे.

