
आईआईटी मद्रास की इनक्यूबेटेड फर्म ने भरोस नामक स्वदेशी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित किया है, जो भारत के 100 करोड़ मोबाइल यूजर को लाभ पहुंचा सकता है. इस सॉफ्टवेयर को कर्मियशल ऑफ द शेल्प हैंडसेट पर इंस्टॉल किया जा सकता है. यह यूजर के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है.
गुरुवार को इस ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में अधिकारियों ने बताया कि भरोस सेवाएं वर्तमान में उन संगठनों को प्रदान की जा रही हैं, जिनके पास कड़ी गोपनीयता और सुरक्षा आवश्यकताएं हैं. वहीं जिनके उपयोगकर्ता संवेदनशील जानकारी को संभालते हैं जिसके लिए मोबाइल पर प्रतिबंधित ऐप्स पर गोपनीय संचार की आवश्यकता होती है. ऐसे उपयोगकर्ताओं को निजी 5जी नेटवर्क के माध्यम से निजी क्लाउड सेवाएं तक पहुंच की आवश्यकता होती है.
नो डिफॉल्ट ऐप का साथ आता है भरोस आईआईटी मद्रास के महानिदेशक वी कामकोटि ने कहाकि भरोस नो डिफॉल्ट ऐप के साथ आता है. इसका अर्थ है कि उपयोगकर्ताओं को उन ऐप्स का उपयोग करने के लिए मजबूर नहीं किया जाता है जिनसे वे परिचित नहीं हो सकते हैं या जिन पर वे भरोसा नहीं कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त यह उपयोगकर्ताओं को उन आदेशों पर अधिक नियंत्रण रखने की अनुमति देता है, जो उनके डिवाइस पर ऐप के पास हैं, क्योंकि वे केवल उन ऐप को अनुमति देना चुन सकते हैं, जिन पर वे अपने डिवाइस पर कुछ सुविधाओं या डेटा तक पहुंचने के लिए भरोसा करते हैं. प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कार्तिक अय्यर ने कहा, नेटिव ओवर द एयर अपडेट प्रदान करता है जो उपकरणों को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है.


