
इस्लामाबाद. अदालत ने तोशखाना मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निलंबित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद दिन में इसकी घोषणा कर दी. हालांकि इससे पहले दिन में ही फैसला सुरक्षित रख लिया गया था. सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील अली बुखारी, कैसर इमाम और गोहर अली खान इस्लामाबाद जिला और सत्र न्यायालय में पेश हुए. यहां बुखारी ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल ने हमेशा अदालत के आदेशों का पालन किया है. वहीं, इमाम ने तर्क दिया कि अगर इमरान अदालत में पेश होने को तैयार हैं तो पुलिस पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख को गिरफ्तार नहीं कर सकती है. इस पर न्यायाधीश ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख को वारंट निलंबित कराने के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का रुख करना चाहिए.
बहरहाल, इमाम ने न्यायाधीश से कहा कि वे चाहते हैं कि सत्र अदालत वारंट निलंबित करे जबकि बुखारी ने कहा कि पीटीआई प्रमुख लाहौर में अपने जमान पार्क आवास पर हैं. बुखारी ने कहा, इमरान खान अदालत में पेश होने का तरीका जानना चाहते हैं. अदालत से वारंट निलंबित करने का अनुरोध करते हुए बुखारी ने कहा कि पीटीआई प्रमुख के खिलाफ निर्वाचन कानून 2017 के तहत एक निजी शिकायत दर्ज की गई है और आमतौर पर निजी शिकायत पर गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया जाता है.
अदालत ने कहा कि पीटीआई प्रमुख के वकील ने उन्हें बताया कि उनका मुवक्किल अदालत में पेश नहीं होगा. अदालत ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जफर इकबाल ने 28 फरवरी को तोशाखाना मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था.


