
Tata ग्रुप जल्द ही बोतलबंद पानी भी बेचेगी. इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, टाटा ग्रुप (Tata Group) देश की नामी बोलबंद पानी बेचने वाली कंपनी बिसलेरी (Bisleri) का अधिग्रहण करने जा रही है. सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड थम्स अप, गोल्ड स्पॉट लिम्का, कोका-कोला को बेचने के लगभग तीन दशक बाद रमेश चौहान बिसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri International) को टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) में 6,000-7,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करेगी. इस डील के तहत बिसलेरी का मौजूदा प्रबंधन दो साल तक कंपनी के कामकाज को देखेगा.
हालांकि बिसलेरी (Bisleri) को बेचना अभी भी एक दर्दनाक फैसला था. वैसे बिसलेरी को लेने के लिए रिलायंस रिटेल, नेस्ले और डेनोन सहित कई कंपनियों की हाथ पांव मारे थे. टाटा के साथ बातचीत दो साल से चल रही थी और उन्होंने कुछ महीने पहले टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा कंज्यूमर के सीईओ सुनील डिसूजा से मुलाकात के बाद अपना मन बना लिया था. बिसलेरी मूल रूप से एक इटालियन ब्रांड था जिसने 1965 में मुंबई में भारत में दुकान स्थापित की थी. चौहान ने 1969 में इसे अधिग्रहित किया था. कंपनी के 122 ऑपरेशनल प्लांट हैं और भारत और पड़ोसी देशों में 4,500 डिस्ट्रीब्यूटर्स और 5,000 ट्रकों का नेटवर्क है.

कोका-कोला ने 1993 में चौहान और उनके भाई प्रकाश से एयरेटिड ड्रिंक्स का पूरा पोर्टफोलियो खरीदा. जिसमें सिट्रा, रिमज़िम और माज़ा जैसे ब्रांड शामिल थे. टाटा कंज्यूमर फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) स्पेस में अग्रेसिव है और इस क्षेत्र में टॉप तीन में शामिल होने का लक्ष्य है. यह हिमालयन ब्रांड के तहत पैकेज्ड मिनरल वाटर के साथ-साथ टाटा कॉपर प्लस वॉटर और टाटा ग्लूको+ भी बेचता है. बिसलेरी को हासिल करने से यह इस सेगमेंट में नंबर 1 पर पहुंच जाएगा
1969 में बिसलेरी वाटर प्लांट शुरू होने के ठीक 4 साल बाद रमेश चौहान ने बिसलेरी को महज 4 लाख रुपए में खरीद लिया. तब से इसक कंपनी का मालिकाना हक रमेश चौहान के पास है. रमेश चौहान 82 वर्ष के हो गए हैं. उनकी बेटी जयंती की दिलचस्पी इस बिजनेस में नहीं है. इसलिए वो इस कारोबार को अब बेचना चाह रहे हैं.


