
संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट क्रॉप वर्ष घोषित किया है. संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह कदम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद उठाया गया है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा है कि वर्ष 2023 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेट्स का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही इससे मिलेट्स क्रॉप के उपयोगी प्रसंस्करण और फसल चक्र के बेहतर इस्तेमाल के साथ इसे खाद्य सामग्री का अहम अंग बनाने में मदद मिलेगी. इससे पहले भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट इयर मनाने के साथ-साथ इस वर्ष लोगों को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए. कृषि मंत्री ने नरेंद्र तोमर ने कहा, “कृषि मंत्रालय और किसानों के कल्याणकारी संगठन मिशन मोड में मिलेट का उत्पादन बढ़ाने और उपभोग बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अप्रैल 2018 में मिलेट को एक पोषणकारी अनाज घोषित किया था. मिलेट्स क्रॉप को पोषण मिशन अभियान में भी शामिल गया है.
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा, ‘प्रधानमंत्री भोजन की थाली में इन पोषक अनाज को पुन: सम्मानजनक स्थान दिलाना चाहते हैं. इसका सीधा लाभ मिलेट्स की खेती करने वाले छोटे किसानों को मिलेगा.’ स्वागत के इस अनूठे तरीके की जमकर तारीफ हो रही है. पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर लंच में सभी पार्टियों के लोगों के भाग लेने की सराहना की.
पीएम मोदी ने सांसदों से की अपील
संसद में सुबह ही संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पार्टी के सभी सांसदों से लोगों के बीच मोटे अनाज को लोकप्रिय बनाने और उनके उपयोग को बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से ये उच्च गुणवत्ता और पोषकतत्वों से भरपूर अनाज हैं. बैठक की जानकारी देते हुए संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि मोटे अनाज से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रधानमंत्री मोदी ने विस्तार से जिक्र किया.
मोदी ने कहा कि जी-20 की विभिन्न बैठकों में आने वाले अतिथियों के भोज में कम से कम एक व्यंजन मोटे अनाज का होना चाहिए. आंगनवाड़ी, स्कूलों के साथ अन्य सरकारी बैठकों के मैन्यू में भी इन अनाजों को शामिल किया जाना चाहिए. पीएम ने इसे जन आंदोलन बनाने की अपील की. इस संबंध में जागरूकता के लिए उन्होंने स्कूलों-कालेजों में कार्यक्रम आयोजित करने का भी सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि सांसद भी अपनी तरफ से आयोजित किए जाने वाले भोज में इन्हें शामिल करें. पीएम ने कहा कि मोटे अनाज की खेती करने वाले ज्यादातर छोटी जोत वाले किसान हैं. इनकी खपत बढ़ने से ऐसे किसानों को आर्थिक लाभ होगा.

