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राष्ट्रपति का देशवासियों को संदेश, कहा- भारत से दुनिया को उम्मीदें

नई दिल्ली . राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को कहा कि भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. अब हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं. हमारी अर्थव्यवस्था न केवल समर्थ सिद्ध हुई है, बल्कि दूसरों के लिए आशा का स्रोत भी बनी है. भारत से दुनिया को उम्मीदें हैं.

राष्ट्रपति ने 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास के लिए दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं. उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति की इस यात्रा में समावेशी विकास पर भी जोर दिया जा रहा है.

महंगाई पर चिंता जताई मुर्मु ने महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा सरकार और रिजर्व बैंक इस पर काबू पाने में सफल रहे हैं. जी-20 की अध्यक्षता को भारत के लिए वैश्विक विमर्श को आकार देने का अवसर करार देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया में विकासात्मक और मानवीय लक्ष्यों को बढावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों, खासकर जी-20 की अध्यक्षता का नेतृत्व संभाला है. जी-20 दुनिया की दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. अपनी अध्यक्षता के साथ भारत व्यापार और वित्त में समान प्रगति की दिशा में निर्णय लेने में मदद कर सकता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक मुद्दों से निपटने में भारत के सिद्ध नेतृत्व के साथ सदस्य देश इन मोर्चों पर प्रभावी कार्रवाई को आगे बढ़ाने में सक्षम होंगे.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से अभूतपूर्व परिवर्तन

दुनिया के वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को और अधिक तत्परता के साथ जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देने की अपील करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हाल की वर्षों में मौसम में भारी बदलाव आया है. देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ तो कहीं सूखा पड़ा रहा है. इन सबका प्रमुख कारण ग्लोबल वार्मिंग को माना जाता हैं. ऐसे में पर्यावरण के हित में स्थानीय, राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर प्रयास करना अनिवार्य है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सामाजिक सशक्तीकरण में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति से आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन होंगे. देश में बड़ा बदलाव दिखाई देगा. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की प्रगति से देशवासियों खासकर युवा पीढ़ी के सपनों को शक्ति मिलती है. विकास की अनंत संभावनाएं देशवासियों की प्रतीक्षा कर रही हैं.

राष्ट्रपति का संबोधन प्रेरणादायक प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्र के नाम संदेश को प्रेरणादायक बताया और कहा कि उन्होंने जहां भारत के विकास को रेखांकित किया वहीं आने वाले समय में देश की सर्वांगीण प्रगति के लिए एक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया.

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